तीनों मण्डल प्रदेश के संगठित और असंगठित वर्ग के लाखों मजदूरों के लिये कई योजनाओं का संचालन कर रहे हैं : श्रम मंत्री पटेल

श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों के हित साझा हैं : श्रम मंत्री पटेल

 तीनों मण्डल प्रदेश के संगठित और असंगठित वर्ग के लाखों मजदूरों के लिये कई योजनाओं का संचालन कर रहे हैं : श्रम मंत्री पटेल

मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं

संबल बोर्ड, श्रम कल्याण और भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक सम्पन्न

भोपाल

श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर में श्रम विभाग के तीनों मंडलों के संचालक मंडल की बैठक ली। बैठक में मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिक एवं उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों के हित साझा हैं। उन्होंने कहा कि तीनों मण्डल प्रदेश के संगठित और असंगठित वर्ग के लाखों मजदूरों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिये कई योजनाओं का संचालन कर रहे हैं।

केन्द्र एवं प्रदेश सरकार ने ऐसी नीतियाँ बनाई हैं जिससे गरीब मजदूरों को आर्थिक मदद एवं सामाजिक सुरक्षा मिल सके। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक एवं उनके परिजन विकास की मुख्य धारा से जुड़कर देश और प्रदेश के विकास में सहभागी बनते हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि तीनों मण्डल इस बात को सुनिश्चित करें कि कोई श्रमिक परिवार सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे।

श्रम कल्याण मंडल की बैठक में संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिये संचालित अंतिम संस्कार सहायता एवं अनुग्रह सहायता योजना का लाभ पात्र श्रमिक के परिवारजनों को भी दिये जाने का निर्णय लिया गया। परिवार के सदस्यों में पति-पत्नी और बच्चों के अलावा माता-पिता को भी शामिल करने का मण्डल के सभी सदस्यों द्वारा निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत आने वाले दिव्यांग श्रमिकों को ई-ट्राईसाइकिल दिये जाने जाने का निर्णय लिया गया। देय श्रमिकों के अभिदाय दरों में वृद्धि पर मण्डल सदस्यों ने सहमति दी।

संबल बोर्ड की बैठक में मंत्री पटेल द्वारा अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत हितलाभ वितरण को परिवार का संबल बताया। मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार की मंशा है कि श्रमिक परिवार को सरकार की सभी योजनाओं का पूरा लाभ समय पर मिले। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में उद्योगपति और श्रमिक दोनों के बीच बेहतर समन्वय है। जो प्रदेश के आर्थिक विकास की नींव है। बैठक में संगठित और असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों एवं निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिये कई नई योजनाओं के संचालन का निर्णय लिया। बैठक में 5 नये स्थानों सागर, रीवा, शहडोल, उज्जैन और बालाघाट में श्रमोदय विद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया। माइग्रेंट श्रमिकों के निवास के लिये 16 नगर निगम में सर्वसुविधायुक्त श्रमिक विश्राम गृह खोलने के निर्णय पर भी सहमति हुई। निर्माण श्रमिकों का अब निशुल्क पंजीयन होगा। साथ ही श्रमिक पोर्टल के माध्यम से पंजीयन का नवीनीकरण ऑनलाइन करा सकेंगे।

बैठक में प्रमुख सचिव श्रम उमाकांत उमराव, श्रम आयुक्त धनराजू एस एवं तीनों मंडलों के सचिव रत्नाकर झा सहित बोर्ड मेंबर उपस्थित थे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति