फाइव आईज नेटवर्क का लिया सहारा, ट्रूडो करवा रहे भारतीय पत्रकारों की जासूसी !

कनाडा
भारत और कनाडा तनाव के बीच एक नई और गंभीर घटना सामने आई है। कनाडा की ट्रूडो सरकार ने भारतीय पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए उनकी पोस्ट्स का एक विस्तृत डोजियर तैयार किया है। यह जानकारी कनाडा के विदेशी हस्तक्षेप आयोग की वेबसाइट पर जारी किए गए एक दस्तावेज से सामने आई है। कनाडा का मानना है कि कुछ भारतीय पत्रकारों और मीडिया आउटलेट्स की पोस्ट्स से 'कनाडाई मामलों में भारतीय हस्तक्षेप' हो सकता है।

कनाडा की ट्रूडो सरकार ने भारतीय पत्रकारों और मीडिया आउटलेट्स की सोशल मीडिया पोस्ट्स पर कड़ी नज़र रखनी शुरू कर दी है। विदेशी हस्तक्षेप आयोग द्वारा जारी दस्तावेज में कुछ प्रमुख भारतीय पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की सोशल मीडिया गतिविधियों की सूची दी गई है। कनाडा का दावा है कि यह पोस्ट्स कनाडा की छवि खराब करने और उसकी नीतियों को प्रभावित करने के लिए की जा रही हैं। यह डोजियर इस बात पर केंद्रित है कि कैसे भारतीय पत्रकार कनाडाई मामलों में हस्तक्षेप करने का प्रयास कर रहे हैं।

कनाडा ने भारतीय हस्तक्षेप पर नजर रखने के लिए Five Eyes नेटवर्क का सहारा लिया है। यह एक अंतरराष्ट्रीय खुफिया साझेदारी है जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा शामिल हैं। इस नेटवर्क का उद्देश्य विभिन्न देशों की खुफिया जानकारी साझा करना और निगरानी बढ़ाना है। कनाडा इसे भारत पर दबाव बनाने के लिए एक साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

भारत और कनाडा के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण थे, और हाल की घटनाओं ने इन रिश्तों को और अधिक खराब कर दिया है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद कनाडा ने भारतीय उच्चायुक्त को 'संदिग्ध' बताया था। इसके बाद भारत ने कड़ा कदम उठाते हुए अपने छह डिप्लोमेट्स को कनाडा से वापस बुला लिया। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि वियना संधि का उल्लंघन करने वाले किसी भी राजनयिक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और भारत से आए राजनयिकों को भी नोटिस पर रखा गया है।

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