श्याम तेरी बंशी पुकारे राधा नाम- देशज समारोह बुन्देली गायन की प्रस्तुति

खजुराहो
मध्यप्रदेश  शासन संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित ‘आदिवर्त‘ जनजातीय लोककला राज्य संग्रहालय- खजुराहो में प्रत्येक रविवार को नृत्य, नाट्य, गायन एवं वादन पर केन्द्रित समारोह ‘देशज‘ का आयोजन किया जाता है। गतिविधि में रविवार 20 अक्टूबर, 2024 को सायं 06.30 सुश्री शक्ती दुबे एवं साथी, सिमरिया पन्ना द्वारा ‘बुन्देली लोकगीत एवं भजन‘ की प्रस्तुति दी गई। गतिविधि की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं कलाकारों के स्वागत से की गई। दीप प्रज्वलन कलाकारों का स्वागत आचार्य जैराम त्रिवेदी द्वारा किया गया। प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने बुन्देली लोकगीतों की प्रस्तुति दी।

अगली प्रस्तुति श्री कमलेश  यादव एवं साथी छतरपुर द्वारा बुन्देली लोकगीतों की प्रस्तुति दी गई। इसी क्रम मे अंतिम प्रस्तुति श्री संदीप उईके एवं साथियों सिवनी द्वारा  गुन्नूर साई नृत्य  की प्रस्तुति दी। गुन्नूर साई नृत्य गोंड  समुदाय का पारम्परिक लोकनृत्य है। यह नृत्य अपने तीज- त्योहारों, शादी- विवाह , जन्मोत्सव आदि खुशियों के अवसर पर किया जाने वाला नृत्य है।
गतिविधि अन्तर्गत दिनांक 27 अक्टूबर 2024 को श्री बलराम पुरोहित एवं साथी भोपाल द्वारा बुन्देली लोकगीत एवं भजन, श्री हर्षवर्धन सिंह परिहार साथी सतना द्वारा बघेली गायन, सुश्री सीमा पाल एवं साथी दतिया द्वारा बुन्देली लोकगीत, श्री अक्षय खरे एवं साथी पन्ना द्वारा दीवारी नृत्य की प्रस्तुती दी जायेगी।

आपसे अनुरोध है कि इस समाचार को अपने प्रतिष्ठित समाचार पत्र के 21 अक्टूबर, 2024 के अंक में प्रकाषित करनें का कष्ट करें।

  प्रबंधक
‘आदिवर्त‘ जनजातीय लोककला
एवं राज्य संग्रहालय खजुराहो

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति