सरकार द्वारा 2021-24 तक चलाए गए विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया

नई दिल्ली
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 31 अक्टूबर, 2024 को समाप्त हुए विशेष अभियान 4.0 के कार्यान्वयन चरण के सफल समापन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 2021-24 तक चलाए गए विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया है। पीएम मोदी ने भी इन नतीजों की सराहना की है।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान था और इसने कई बेहतरीन प्रथाएं और उपलब्धियां देखी हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों से प्रेरित होकर, स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करने के लिए 'विशेष अभियान 4.0' में संतृप्ति दृष्टिकोण को अपनाया गया और देश के दूरदराज के हिस्सों में 5.97 लाख से अधिक कार्यालयों को कवर किया गया।

जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए भी जानकारी दी, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, विशेष अभियान 4.0, जो कि अपने प्रकार का भारत का सबसे बड़ा अभियान है, ने कई महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किए हैं। 2021 से कबाड़ को हटाकर राज्य कोष में लगभग 2,364 करोड़ रुपये जोड़े गए हैं।"

पीएम मोदी ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "सही प्रबंधन और सक्रिय कदमों पर ध्यान देकर इस प्रयास ने बेहतरीन नतीजे हासिल किए हैं। यह दिखाता है कि मिलकर किए गए प्रयास स्थायी परिणाम दे सकते हैं, जिससे साफ-सफाई और आर्थिक बचत दोनों को बढ़ावा मिलता है।"

जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 ने 2-31 अक्टूबर, 2024 की अवधि में 650 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया। विशेष अभियान 4.0 के तहत 5.97 लाख से अधिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और इसके परिणामस्वरूप कार्यालय उपयोग के लिए 190 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई। हर साल के साथ विशेष अभियान का आकार और पैमाना बढ़ता जा रहा है।

विशेष अभियान 4.0 की समीक्षा कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और केन्द्र सरकार के सचिवों द्वारा की गई और इन्होंने कार्यान्वयन के मामले में नेतृत्व और मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

पोर्टल पर मंत्रालयों द्वारा रिपोर्ट किये गए अभियान के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के परिणाम निम्नलिखित हैं:

स्वच्छता अभियान स्थल (लाख में)- 5.97
अर्जित राजस्व (करोड़ रुपए में)- 650.10
मुक्त स्थान (लाख वर्ग फीट)- 190
रिकॉर्ड प्रबंधन फाइलों की समीक्षा की गई (भौतिक फाइलें + ई-फाइलें) (लाखों में)- 45.10
रिकॉर्ड प्रबंधन (भौतिक फाइलें हटाई गईं + ई-फाइलें बंद की गईं) (लाखों में)- 25.19
लोक शिकायतें + निपटाई गई अपीलें (लाखों में)- 5.55

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