जम्मू की मूल निवासी शेफाली जामवाल ने जीता मिसेज यूनिवर्स अमेरिका का खिताब

मुंबई
जम्मू की मूल निवासी शेफाली जामवाल ने मिसेज यूनिवर्स अमेरिका का खिताब जीत लिया है। उनके सिर मिसेज यूनिवर्स अमेरिका 2024 का ताज सजा है। शेफाली भारतीय सेना के ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) की बेटी हैं। जम्मू की मूल निवासी शेफाली जामवाल को सौंदर्य प्रतियोगिता में मिसेज यूनिवर्स अमेरिका 2024 का खिताब मिला है। जामवाल ने पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को लेकर शानदार जवाब दिए, जिसे लेकर उन्होंने वहां पर उपस्थित दर्शकों और जजों दोनों पर शानदार प्रभाव डाला।

बता दें कि वाशिंगटन के रेंटन में आयोजित इस कार्यक्रम में हरियाली को लेकर उनकी अवेयरनेस ने खासा प्रभाव डाला और खिताब को उनके नाम करने में मदद की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान को लेकर अपने विचार रखे। शेफाली ने खुद को ‘पृथ्वी की संतान’ बताते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि ऐसा भविष्य तैयार हो, जहां मानवता प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण रूप से सह-अस्तित्व में रहे। उन्होंने कहा, "मेरा सपना एक स्थायी प्रभाव छोड़ना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां पृथ्वी पर हरियाली के बीच रह सकें और स्वच्छ हवा में सांस ले सकें और शुद्ध पानी पी सकें।

बता दें कि शेफाली ने लाइवटूसर्व नाम के एक गैर-लाभकारी संगठन की सह-स्थापना की है, जो पर्यावरण चेतना को बढ़ावा देता है। यह गैर लाभकारी संगठन बच्चों और जानवरों के साथ मानव कल्याण की भी पहल करता है। एक सैन्य परिवार में पली-बढ़ी शेफाली अपने पिता-माता को अपनी ताकत मानती हैं और मानती हैं कि उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। मिसेज यूनिवर्स अमेरिका का खिताब जीतने वाली शेफाली अगले साल फिलीपींस में होने वाली वर्ल्ड मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में संयुक्त राज्य अमेरिका को रिप्रेजेंट करेंगी।

admin

Related Posts

कभी मां के साथ बासी खाना खाने वाली भारती सिंह आज नैनी को देती हैं महंगे तोहफे

मुंबई भारती सिंह का एक प्यारा सा वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर खूब सुर्खियों में है। इस वीडियो में वो अपने बच्चों की नैनी रूपा दी को उनके बर्थडे पर…

ऋचा चड्ढा नॉन-फिक्शन ट्रैवल और कल्चर सीरीज़ को करेंगी प्रोड्यूस

  मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता ऋचा चड्ढा एक नए और रोमांचक प्रोजेक्ट के साथ अपनी क्रिएटिव दुनिया को आगे बढ़ा रही हैं। ऋचा चड्ढा एक नॉन-फिक्शन सीरीज़ को प्रोड्यूस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति