कनाडा की सीमाएं असुरक्षित हैं और वहां से आतंकी अमेरिका में घुस सकते हैं, सीमा प्रमुख ने जताई चिंता

वाशिंटन
अमेरिका के सीमा मामलों के नवनियुक्त प्रमुख टॉम होमन ने कनाडा से अमेरिका की सीमा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका मानना है कि कनाडा की सीमाएं असुरक्षित हैं और वहां से आतंकी अमेरिका में घुस सकते हैं। होमन ने यह भी कहा कि कनाडा की सीमा सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया गया है, और जस्टिन ट्रूडो प्रशासन ने इस दिशा में उचित कदम नहीं उठाए हैं।

भारत और अमेरिका दोनों के लिए चिंता का विषय
भारत पहले ही कनाडा से खालिस्तानी आतंकियों के फैलते प्रभाव और उनकी सुरक्षित पनाहगाह बनने की चिंता उठा चुका है। भारत का कहना है कि कनाडा के प्रशासन ने खालिस्तानी आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की है और इस कारण से ये आतंकी वहां सुरक्षित रह रहे हैं। अब अमेरिका भी इस खतरे से चिंतित है, खासकर उन आतंकियों के बारे में जो कनाडा से अमेरिका में घुसने का प्रयास कर सकते हैं।

इस मुद्दे को लेकर टॉम होमन ने कहा कि कनाडा की सीमा सुरक्षा को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि आतंकियों और अवैध अप्रवासियों को अमेरिका में घुसने से रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा को आतंकियों का प्रवेश द्वार बनने नहीं दिया जा सकता। होमन के मुताबिक उत्तरी सीमा की सुरक्षा अमेरिका की प्राथमिकता होगी और इसके लिए ट्रंप प्रशासन विशेष कदम उठाएगा। इसके साथ ही कनाडा से मानव तस्करी पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।

मानव तस्करी और अवैध घुसपैठ
होमन ने बताया कि कनाडा की सीमा सुरक्षा कमजोर होने के कारण वहां से अवैध अप्रवासी अमेरिका में घुसने में सफल हो जाते हैं। इस रास्ते से उन देशों के लोग भी अमेरिका में प्रवेश कर रहे हैं जो आतंकवाद के केंद्र माने जाते हैं। कनाडा से अमेरिकी सीमा में बढ़ती अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी की घटनाएं चिंता का कारण बन गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार अवैध प्रवेश के लिए अपराधी प्रति व्यक्ति 1,500 से 6,000 डॉलर तक की राशि लेते हैं।

हालिया घटनाएं
बता दें कि हाल ही में सितंबर 2023 में न्यूयॉर्क सिटी में यहूदियों पर हमले के लिए अमेरिका में घुसने का प्रयास कर रहे एक पाकिस्तानी नागरिक को क्यूबेक, कनाडा में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिकी सीमा गश्ती दल के अधिकारियों के अनुसार उत्तरी सीमा पर अवैध घुसपैठ में इजाफा हुआ है और इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

अमेरिका का निर्वासन अभियान
इसके अलावा, होमन ने अमेरिका में निर्वासन अभियान को और अधिक मजबूत करने की भी बात की। ट्रंप प्रशासन ने अपने पहले कार्यकाल में भी इस दिशा में कई कदम उठाए थे, और अब होमन का कहना है कि वह इस अभियान को और प्रभावी बनाएंगे।

 

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