उत्तराखंड में केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव में छह उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कल 90,875 मतदाता करेंगे

रुद्रप्रयाग
उत्तराखंड में केदारनाथ विधानसभा (विस) उप चुनाव में छह उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला बुधवार को सुबह आठ बजे से 90,875 मतदाता करेंगे। उप चुनाव के लिए सभी 173 पोलिंग पाटिर्यां अपने गंतव्यों तक पहुंच गई हैं। विस में 90875 मतदाता अपने मतदाधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदाताओं में 44919 पुरूष और 45956 महिलाएं हैं। महिला मतदाता किसी भी उम्मीदवार को जीताने या हराने की ताकत रखती हैं।

भाजपा और कांग्रेस के बीच होगा मुख्य मुकाबला
विस में 1827 में युवा मतदाता हैं, जिसमें ज्यादातर पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अगस्त्यमुनि में सखी बूथ बनाया गया है। साथ ही अलग दिव्यांग बूथ भी बनाया गया है। इस वर्ष नौ जुलाई को केदारनाथ विस की विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद यह उप चुनाव हो रहा है। उप चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी से आशा नौटियाल, कांग्रेस से मनोज रावत, उक्रांद से डा. आशुतोष भंडारी के अलावा निर्दलीय आरपी सिंह, त्रिभुवन चौहान और प्रदीन रोशन रुड़िया मैदान में हैं। सोमवार को उप चुनाव का प्रचार थमने के बाद मंगलवार को सभी प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करते हुए अपने पक्ष में मतदान की अपील की। इस उप चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों ने पूरी ताकत झोंक रखी थी।

उप चुनाव के लिए 166 पोलिंग पाटिर्यां रवाना
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्टार प्रचारक के तौर पर अगस्त्यमुनि, चोपता, चंद्रनगर और गुप्तकाशी में चुनावी सभाएं की। वहीं, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, रेखा आर्या, सुबोध उनियाल, प्रेम चंद्र अग्रवाल और सतपाल महाराज ने जगह-जगह जनसंपर्क किया। भाजपा संगठन के पदाधिकारी भी पूरे चुनाव प्रचार में सक्रिय रहे। वहीं, कांग्रेस के चुनाव की बागडोर पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने संभाले रखी। इधर, मंगलवार को अगस्त्यमुनि खेल मैदान परिसर से केदारनाथ विस उप चुनाव के लिए 166 पोलिंग पाटिर्यां रवाना की गईं, जो दोपहर बाद तक अपने गंतव्यों तक पुहंच गईं। इससे पूर्व सोमवार को दूरस्थ सात पोलिंग पाटिर्यां रवाना की गईं थी। मतदान में 2949 सर्विस मतदाताओं के साथ ही 793 दिव्यांग मतदाता भी हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी डा. सौरभ गहरवार ने बताया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर दी गई हैं। इधर, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विस को दो जोन और 27 सेक्टर में बांटा गया है। सभी पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

 

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति