छत्तीसगढ़-रायपुर दक्षिण से बीजेपी के विजेता सुनील सोनी को कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा ने दी बधाई

रायपुर.

छत्तीसगढ़ के रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने 9वीं बार शानदार जीत हासिल की है. भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने कांग्रेस के आकाश शर्मा को 46,167 वोटों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. चुनावी नतीजे घोषित होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी आकाश शर्मा ने हार स्वीकारते हुए सुनील सोनी को जीत की बधाई दी है.

उन्होंने कहा, “जनता का जनादेश हमें स्वीकार्य है. दक्षिण की जनता ने सुनील सोनी को चुना है. मैं उन्हें बधाई देता हूं. पार्टी के सभी सदस्यों ने मेहनत की. हार का क्या कारण है इसके पीछे एक वजह होगी. इसका आंकलन किया जाएगा. प्राथमिक तौर पर ऐसा लग रहा है कि जनता ने सरकार को चुना है, BJP पार्टी को चुना है.” आकाश शर्मा ने यह भी कहा कि भले ही वह चुनाव हार गए हों, लेकिन जनता की सेवा के प्रति उनका समर्पण जारी रहेगा. बता दें, रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है. इस बार भी मतदाताओं ने भाजपा पर अपना भरोसा जताया. सुनील सोनी की इस बड़ी जीत ने आगामी चुनावों के लिए भाजपा के हौसले को और बुलंद कर दिया है.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति