कैसे बनें सफल ऑनलाइन फिटनेस ट्रेनर, तरीके ये अपनाएं और लाखों कमाएं

यह डिजिटलाइजेशन का युग है और इसने अलग-अलग सेक्टरर्स के लिए कई ऑपरट्यूनिटीज खोल दी हैं। फूड ऑर्डर करना हो या फिर और कोई सर्विस, ऐसी चीजें अब स्माईर्टफोन पर सिर्फ एक टैप दूर हैं। इस गैलरी के जरिए हम आपको बता रहे हैं कि कैसे फिटनेस ट्रेनर के करियर पर डिजिटलाइजेशन का असर हुआ है और आप भी किस तरह से एक सफल ऑनलाइन पर्सनल ट्रेनर बन सकते हैं…

हेल्थत और फिटनेस को लेकर लोग सजग
पिछले 5 वर्षों में इंडियन फिटनेस इंडस्ट्रीऑ में काफी ग्रोथ हुई है। एक समय था जब इस प्रफेशन को आकर्षक या लाभप्रद नहीं माना जाता था। उस वक्त  ट्रेनर्स भी उतने क्वाीलिफाइड नहीं होते थे और जिम के लिए ऐसा माना जाता था कि ये सिर्फ बॉडीबिल्ड्र्स के लिए हैं। अब 2019 में चीजें बदल गई हैं। लोग हेल्थन और फिटनेस को लेकर काफी सजग हो गए हैं, फिर वे चाहे बच्चेर हों, महिलाएं हों, बुजुर्ग हों या फिर पुरुष। ऐसे में अब क्वा लिफाइड और एजुकेटेड पर्सनल ट्रेनर्स की डिमांड भी बढ़ गई है।

सोशल मीडिया प्लैबटफॉर्म्स  की ताकत
डिजिटलाइजेशन की वजह से करियर के कई ऑप्शषन खुल गए हैं जिनमें से एक ऑनलाइन फिटनेस ट्रेनर भी है। अब ट्रेनर्स इंस्टा्ग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लैनटफॉर्म्स् पर अपने काम का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। वे रियल लाइफ फिल्टरर्ड ऑडियंस से कनेक्टल होते हैं। ऑनलाइन पर्सनल ट्रेनर होने का फायदा यह भी है कि आप स्का।इप, वॉट्सऐप और ईमेल्से की मदद से एक समय पर कई लोगों को कोच कर सकते हैं।

कैसे बनें ऑनलाइन फिटनेस ट्रेनर
इसके लिए जिन स्किफल्सर की जरूरत है, उनमें आपका केयरिंग और हेल्पिंसग नेचर का होना बेहद जरूरी है। इसके अलावा आपकी कम्युकनिकेशन स्कि ल्सन बेहतर हो और एक्सर्साइज व न्यूरट्रिशन के लिए आपका पैशन हो।

क्याआ होनी चाहिए प्रफेशनल क्वािलिफिकेशन
फिटनेस कोच होने के लिए फॉर्मल एजुकेशन होना जरूरी है। ऐसे कई इंस्टिट्यूट्स हैं जो पर्सनल ट्रेनिंग कोर्स में सर्टिफिकेट देते हैं/डिप्लोसमा देते हैं। कोर्स के लिए के11 इंस्टिट्यूट ऑफ फिटनेस ऐंड साइंस, टीम अमिंदर फिटनेस अकैडमी, क्लालसिक फिटनेस अकैडमी, गोल्ड  इंस्ट्यिू ट, कुछ पॉप्युजलर इंडियन इंस्टिसट्यूट्स हैं। आईएसएसए, एसीई, एसीएसएम, एनएएसएम और जेपीएस कुछ जानी-मानी इंटरनैशनल अकैडमीज हैं जो पर्सनल ट्रेनर्स और स्पॉ,र्ट्स न्यूलट्रिशन के ऑनलाइन कोर्स ऑफर करती हैं। कोर्स की फीस 40 हजार से 2 लाख तक (अकैडमी के अनुसार) है और कोर्स का ड्यूरेशन 2 महीने से 1 साल तक (अकैडमी के अनुसार) हो सकता है।

कितनी हो सकती है कमाई
शुरुआत में आप 30 से 50 हजार तक की कमाई कर सकते हैं। ऐसे कोच जिनके पास एक्सऔपीरियंस है, उनके लिए कोई लिमिट नहीं है। एक बार ट्रेनर के पास अच्छी  संख्याक में अच्छेर और पॉजिटिव क्लाआइंट हो गए, सोशल मीडिया पर अच्छीर रीच हो गई, अच्छीा इंटरनेट प्रेजेंस हो गई तो आप लाखों में कमा सकते हैं।

काम के घंटे और स्ट्रे स लेवल
इस करियर में काम के घंटे और स्ट्रे स लेवल को लेकर चीजें फिक्सग नहीं हैं। आपके जितने ज्यानदा क्लारइंट होंगे, आपको उतना ही ज्यालदा समय देना होगा। इस करियर में क्लाजइंट की प्रोग्रेस के लिए डेडिकेशन की सबसे ज्याेदा जरूरत होती है। क्ला‍इंट की प्रोफाइल, मेडिकल हिस्ट्रीं और फिर उनके प्लाकन को कस्टजमाइज करना महत्वहपूर्ण है।

 

  • admin

    Related Posts

    रेलवे में बड़ी भर्ती: 312 पदों पर कल खत्म होगा आवेदन, Group D की 22000 भर्तियों के लिए 31 से करें अप्लाई

    नई दिल्ली रेलवे भर्ती बोर्ड की आइसोलेटेड पदों की भर्ती के लिए कल 29 जनवरी 2026 ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि है। रेलवे आइसोलेटेड भर्ती के तहत 312 पदों पर…

    10वीं-12वीं पास बेरोजगार युवाओं की सुरक्षा अधिकारी पदों पर भर्ती शुरू

    भारतीय सुरक्षा दक्षता परिषद नई दिल्ली और एसआईएस सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर उदयपुर की ओर से सुरक्षा जवान, सुरक्षा सुपरवाइजर एवं सुरक्षा अधिकारी पदों के लिए भर्ती शिविरों का आयोजन 24…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति