चीते हमारे प्रदेश ही नहीं देश की भी धरोहर, इसको संभालकर रखना है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

चीते हमारे प्रदेश ही नहीं देश की भी धरोहर, इसको संभालकर रखना है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से हुआ चीता अभियान शुरू

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चीता दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पूरे देश में वन्यजीवों के लिए एक आदर्श स्थान है। इसी कारण मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट बना है। चीते हमारे प्रदेश ही नहीं देश की धरोहर हैं। इस नाते इस धरोहर को हमें संभालकर रखना है। चीतों से हमारा ऐसा ही आत्मीय स्नेह बना रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों की सौगात मिली है। "अग्नि और "वायु" को स्वतंत्र वन क्षेत्र में छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों के साथ मध्यप्रदेश में पर्यटन भी रफ्तार भरेगा।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि भारत के सभी राज्यों में जितने टायगर नहीं हैं उससे अधिक संख्या में मध्यप्रदेश में हैं, जो एक रिकार्ड है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने दो दिन पहले ही टाइगर रिजर्व को मंजूरी दी है। रातापानी टाइगर रिजर्व 8वें क्रम पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार माधव टाइगर पार्क के लिए भी जल्द ही आवश्यक मंजूरी देने जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग सौ साल पहले चीता मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देश या एशिया से भी विलुप्त हो गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से हमने अन्य महाद्वीप से लाकर इस प्राणी को अपने यहां बसाने का अभियान शुरू किया। मुझे संतोष है मध्यप्रदेश में चीतों का परिवार फल-फूल रहा है। अब उनकी नई पीढ़ी आंखें खोल कर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस प्रयोग से आगे चलकर यह संभव होगा कि अन्य राज्य भी भागीदार बन सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीता दिवस के अवसर पर आनंद के क्षणों के साथ प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देना चाहता हूँ जिनके प्रयासों से हमें यह चीता प्रोजेक्ट मिला।

अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विभिन्न आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर श्योपुर जिले के विभिन्न हिस्सों में कूनो राष्ट्रीय उद्यान द्वारा चीता-मित्रों की रैलियों का आयोजन किया गया। इस अवसर को यादगार बनाने के लिये भारतीय भूमि पर चीतों के रोचक छायाचित्रों से भरपूर कूनो राष्ट्रीय उद्यान के ऑफीशियल कैलेण्डर-2025 का विमोचन पालपुर में किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर एक लघु फिल्म जारी की गयी। फिल्म में चीता परियोजना के पिछले 2 वर्षों की झलक दिखायी गयी। नेशनल पार्क के अंतिम विस्थापित ग्राम बागचा की एक वीडियो स्टोरी भी जारी की गयी। इस अवसर पर वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल, पीसीसीएफ एण्ड होप असीम श्रीवास्तव, पीसीसीएफ वन्य-जीव शुभरंजन सेन एवं मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक और चीता स्टीरिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजेश गोपाल, सदस्य डॉ. एच.एस. नेगी और सलाहकार डॉ. एस.पी. यादव उपस्थित रहे।

 

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