मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पचमढ़ी में राजभवन और रविशंकर भवन (मुख्यमंत्री आवास) का लिया जायजा

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को प्रातः पचमढ़ी स्थित राजभवन और रविशंकर भवन (मुख्यमंत्री आवास) पहुंचकर भवनों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने रविशंकर भवन परिसर से चौरागढ़ मंदिर और धूपगढ़ का भी अवलोकन किया। उन्होंने राजभवन में बिलियर्ड भी खेला। अल्प समय रुकने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहां से नर्मदापुरम के लिए रवाना हो गए।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव का हुआ आत्मीय स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को नर्मदापुरम में आयोजित 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सम्मिलित होने पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मोहासा माखननगर हेलीपैड पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नरोलिया, नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वागत किया।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति