बागेश्वर धाम में लगाई थी अर्जी, प्रियदर्शन गोस्वामी छत्तीसगढ़ में सिविल जज बने, चलाते थे बीज की दुकान

छतरपुर
बागेश्वर धाम में यूं तो लाखों लोग अपनी मनोकामना पूरी करवाने के लिए अर्जी लगाते हैं। लेकिन इस बार कुछ ऐसा खास हुआ है कि करोड़ों लोगों की आस्था एक बार फिर बालाजी सरकार के प्रति बढ़ गई है। छतरपुर निवासी प्रियदर्शन गोस्वामी छत्तीसगढ़ में सिविल जज बन गए हैं। उनके पिता और नानी ने बागेश्वर धाम में अर्जी लगाई थी। दरअसल, प्रियदर्शन गोस्वामी सिविल जज की तैयारी कर रहे थे। उनके पिता और नानी ने बागेश्वर धाम में अर्जी लगाई थी कि उनका बच्चा सिविल जज बन जाए। वे दूसरी बार दर्शन कर लौट रहे थे। रास्ते में ही प्रियदर्शन का रिजल्ट आ गया और उनका चयन छत्तीसगढ़ सिविल जज में हो गया। उन्हें चौथा स्थान मिला है।  
 
प्रियदर्शन गोस्वामी बताते हैं कि हम बागेश्वर धाम दूसरी बार दर्शन करने आए हैं। लेकिन हमारे माता-पिता के संस्कार है कि भगवान से कुछ भी मांगना नहीं चाहिए, सिर्फ दर्शन करने चाहिए। इसलिए हम दर्शन करने जाते थे और अभी भी दर्शन करके ही निकले हैं।
 
प्रियदर्शन ने बताया कि ये मेरे माता-पिता जी, बागेश्वर बालाजी और महाराज जी की कृपा है कि आज मुझे ये दिन देखने को मिला। महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और उनका सानिध्य प्राप्त हुआ। बागेश्वर धाम में माता-पिता और नानी आती रहती थीं। उन्होंने ही मेरे जज बनने के लिए अर्जी लगाई थी। जब दर्शन किए तो मन में यही था कि जैसी इच्छा हो वैसा मुझे फल दें। महाराज जी ने जनता की सेवा करने का इस माध्यम से अवसर दिया। ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

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