एक नया पश्चिमी विक्षोभ मध्य और उच्च ट्रोपोस्फेरिक वेस्टरलिज़ में ट्रफ के रूप में देखा गया, शीतलहर का अलर्ट

नई दिल्ली
एक नया पश्चिमी विक्षोभ मध्य और उच्च ट्रोपोस्फेरिक वेस्टरलिज़ में ट्रफ के रूप में देखा गया है। इस विक्षोभ के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है। इसके कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 16 और 17 दिसंबर को हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि 17 दिसंबर तक देश के कुछ राज्यों में शीतलहर की स्थिति बिगड़ सकती है।

आईएमडी के मुताबिक, उत्तर पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस का वृद्धि हो सकती है। वहीं, केंद्रीय भारत में अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है। पश्चिम और पूर्व भारत में अगले 4 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है।

आईएमडी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में 15 दिसंबर को अलग-अलग स्थानों पर गंभीर शीतलहर की संभावना है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद में 15 और 16 दिसंबर को कड़ाके की ठंड की संभावना है। पंजाब में आज की स्थिति कुछ ऐसी ही रहेगी। वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा 15 दिसंबर को शीतलहर का एहसास हो सकता है। पश्चिम राजस्थान में 17 से 20 दिसंबर तक और पूर्वी राजस्थान में 15 से 20 दिसंबर तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी। सुबह और रात के समय लोगों को गलन का एहसास होगा।

घने कोहरे की चेतावनी
मौसम विभाग का कहना है कि 16 से 18 दिसंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में रात और सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। इसके अलावा, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 दिसंबर की सुबह तक घना कोहरा रहेगा।

पंजाब और हरियाणा में शीतलहर जारी
हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में शनिवार को भी शीतलहर जारी रही। फरीदकोट में न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में फरीदकोट सबसे ठंडा स्थान रहा। आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के पठानकोट में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुरदासपुर में 2.8 डिग्री और बठिंडा में 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके मुताबिक, अमृतसर में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 7.8 डिग्री सेल्सियस और पटियाला में 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के करनाल में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जबकि हिसार और भिवानी में न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि नारनौल में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा और पंजाब की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति