वाणिज्य उद्योग मंत्री 18 दिसम्बर को कोरबा में गुरुघासीदास जयंती समारोह में होंगे शामिल

 रायपुर,

प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन 18 दिसम्बर को जिला मुख्यालय कोरबा में आयोजित गुरूघासीदास जयंती समारोह में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका दौरा कार्यक्रम इस प्रकार है। प्रातः 11.05 बजे पुलिस लाईन हेलीपेड रायपुर से मुख्यमंत्री के साथ कोरबा के लिए प्रस्थान कर 11.45 बजे इंदिरा स्टेडियम ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचेंगे।

जहां वे 11.50 से 12.55 बजे तक सतनाम भवन में आयोजित बाबा गुरुघासीदास जयंती समारोह में शामिल होंगे। तत्पश्चात कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन अपरान्ह 3 बजे कोरबा के बालकों में सतनाम कल्याण समिति द्वारा बस स्टैण्ड रामलीला ग्राउंड सतनाम भवन बालकों में आयोजित गुरुघासीदास जयंती समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद उद्योग मंत्री श्री देवांगन शाम 4 बजे बालको (कोरबा) से रवाना होकर शाम 7 बजे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति