भाजपा के कुशासन के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लिया

लखनऊ
भाजपा के कुशासन के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश (पूर्वी) युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह द्वारा लगाए गए पोस्टर से मिली है। लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर विधानसभा घेराव से संबंधित पोस्टर्स लगाए गए हैं। कांग्रेस की ओर से लगाए गए पोस्टर में प्रमुख रूप से लिखा गया है, “जनता मांगे जवाब! कब दोगे हिसाब?” और “18 दिसंबर लखनऊ चलो”। कांग्रेस के इस अभियान को योगी सरकार के खिलाफ विरोध का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने पिछले कुछ साल में प्रदेश कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ दिया है, जनता को समय पर मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है। कांग्रेस का मानना है कि योगी सरकार के कुप्रबंधन से प्रदेश की जनता परेशान है और अब समय आ गया है कि सरकार से इसका जवाब लिया जाए।

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी बीते दिनों विधानसभा घेराव को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर विधानसभा घेराव का पोस्टर शेयर कर कैप्शन में लिखा था, “18 दिसंबर…लखनऊ चलो! भाजपा के कुशासन के खिलाफ…विधानसभा घेराव, जनता मांगे जवाब! कब दोगे हिसाब?”

अजय राय ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए योगी सरकार पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को फोन कर डराया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस 18 दिसंबर को को विधानसभा का घेराव कर रही है। हमारे कार्यकर्ताओं को पूरे प्रदेश में फोन किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष को फोन किया जा रहा है कि अगर आप 18 तारीख के आंदोलन में जाओगे तो मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा। हम सीएम योगी आदित्यनाथ से कहना चाहते हैं कि अगर हमारे कार्यकर्ताओं को कहीं भी प्रताड़ित किया गया तो हम सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। हमें ईडी और सीबीआई से डर नहीं लगता है।

अजय राय ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए योगी सरकार पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को फोन कर डराया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस 18 दिसंबर को को विधानसभा का घेराव कर रही है। हमारे कार्यकर्ताओं को पूरे प्रदेश में फोन किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष को फोन किया जा रहा है कि अगर आप 18 तारीख के आंदोलन में जाओगे तो मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा। हम सीएम योगी आदित्यनाथ से कहना चाहते हैं कि अगर हमारे कार्यकर्ताओं को कहीं भी प्रताड़ित किया गया तो हम सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। हमें ईडी और सीबीआई से डर नहीं लगता है।

उन्होंने आगे कहा था कि अगर कहीं प्रशासन परेशान करता है तो मौके पर ही घेराव कर दीजिए। वहीं पर प्रदर्शन कीजिए। जहां पर रोका जा रहा है, वहीं पर सड़क पर बैठ जाइए। जब हमारी सरकार आएगी तो हम भी घर निकाल लेंगे। मठ से निकाल लेंगे। ऐसे में हम अपील करना चाहते हैं कि हम गांधीवादी लोग हैं और हमको हमारे तरीके से प्रदर्शन करने दिया जाए। हमारे साथ जनता का साथ है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति