22 राज्यों के बच्चे बाल रंग में कर रहे हैं भागीदारी, छात्र-छात्राओं में सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का मकसद

भोपाल

विद्यालयीन छात्र-छात्राओं में सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के मकसद से 3 दिवसीय राष्ट्रीय बाल रंग की शुरूआत 20 दिसम्बर से भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित इंदिरा मानव संग्रहालय में हो रही है। स्कूल शिक्षा विभाग का राष्ट्रीय बाल रंग स्कूली बच्चों की सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित कर अभिव्यक्ति के विविध अवसर प्रदान करता है। यह महोत्सव भारत की शाश्वत संस्कृति का संदेश वाहक है। अनेकता में एकता, भारतीय संस्कृति की विशेषता है। अपनी सांस्कृतिक विशिष्टता का सहेजे विभिन्न प्रांतों के बच्चे यहां पहुंचते हैं।

20 दिसम्बर को बाल रंग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं प्रात: 10 बजे से शुरू होंगी। बालरंग समारोह का शुभारंभ स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह करेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में सांस्कृतिक, साहित्यिक, निबंध लेखन, चित्रकला और केलीग्राफी प्रतियोगिताएं मुख्य रूप से आयोजित होंगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 9 संभागों के करीब एक हजार बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागिता करेंगे।

राष्ट्रीय बाल रंग

21 और 22 दिसम्बर को देश के 17 राज्यों सहित 5 केन्द्र शासित प्रदेश के 15 हजार बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। राष्ट्रीय बाल रंग में लोक नृत्य प्रतियोगिता होगी। इनमें हिमाचल प्रदेश, बिहार, पंजाब, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मध्यप्रदेश, सिक्किम, गोवा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, कर्नाटक, हरियाणा, तेलंगाना, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली, झारखंड, दिल्ली, छत्तीसगढ़ एवं पुडुचेरी शामिल हैं।

स्कॉउट केम्प

इंदिरा मानव संग्रहालय में बच्चों में साहसिक एवं अनुशासन की भावना को मजबूत करने के लिये स्काउट केम्प भी लगाया जायेगा। इनमें बच्चे जंगल केम्प, रिवर क्रॉसिंग, मंकी ब्रिज, कमांडो ब्रिज, वॉच टॉवर, रॉक क्लाईम्बिंग और वॉल रेपलिंग जैसी गतिविधियों में अपना प्रदर्शन करेंगे।

विजन-2047 पर केन्द्रित सजीव प्रदशर्नी

बाल रंग के दौरान 20 से 22 दिसम्बर तक विजन-2047 थीम के अंतर्गत बच्चों द्वारा निर्मित सामग्री का प्रदर्शन किया जायेगा। प्रदर्शनी में देश की विविधता वाली संस्कृति देखने का अवसर भी मिलेगा। इनमें जीवन कौशल, एक भारत श्रेष्ठ भारत, खेलो इंडिया, अन्न खाद्यान्न, व्यावसायिक शिक्षा से रोजगार, अंतरिक्ष विज्ञान, जलवायु परिवर्तन विषय को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।

फूड जोन

बाल रंग में विभिन्न राज्यों के व्यंजनों के स्टॉल भी लगाये जायेंगे। इसके साथ ही परिसर में हस्तशिल्प पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी।

प्रतियोगिताएं

बाल रंग में तात्कालिक भाषण, लोक गीत, शास्त्रीय नृत्य, सुगम संगीत, सामुहिक लोक नृत्य, दिव्यांगजनों की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, वेद पाठ, नृत्य नाटिका, योग जैसी अनेक प्रतियोगिताएं होंगी। बाल रंग में 20, 21 और 22 दिसम्बर को प्रात: 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजन होंगे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति