एमपी में कड़ाके की ठंड पर छोटा ब्रेक, 23 दिसंबर से फिर रहें ठिठुरन को जाये तैयार, भोपाल-उज्जैन में पारा 10 डिग्री के नीचे रहेगा

भोपाल

 मध्य प्रदेश में बुधवार से ठंड के तेवर थोड़े नरम पड़े है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों के न्यूनतम तापमान में से दो से तीन डिग्री बढ़ोतरी देखने को मिली है। लेकिन दिसम्‍बर के अंतिम सप्‍ताह फिर से पारा गिरने और ठंड बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर 23 से 25 दिसंबर के बीच आएगा। यह जनवरी 2025 तक रहेगा। इससे पहले अगले 4-5 दिन तक प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में रात का पारा 8-10 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा।

मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोहरा छाने का अनुमान जताया है। बाकी जगहों पर मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप हो सकती है। इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। रात के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, कई शहर ऐसे हैं, जहां पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम ही रहा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4 डिग्री, टीकमगढ़ में 5.3 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री और राजगढ़ में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 5.2 डिग्री, ग्वालियर में 5.4 डिग्री, भोपाल में 6.2 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और इंदौर में 11.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों में पारा 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। खंडवा और खरगोन जैसे शहरों में तापमान 30 डिग्री के पार दर्ज किया गया है। प्रदेश में अधिकतम तापमान खंडवा का दर्ज किया गया, जो 31.1 डिग्री रहा। इसके अलावा खरगोन में 30.2 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.9 डिग्री, धार 29.5 डिग्री, भोपाल में 26 डिग्री और इंदौर में 28.4 डिग्री दर्ज किया गया।

इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने कहा– शीतलहर और कोल्ड डे यानी ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम होगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। उत्तरी हवाएं फिर चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर दोबारा आएगा।

दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। बुधवार से शीतलहर का दौर थमा।

भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई जबकि वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगा दिए गए। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं।

यहां देखें तापमान
पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री दर्ज किया गया. कल्याणपुर (शहडोल) में 3.1 डिग्री, मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री और नौगांव (छतरपुर) में 4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. सबसे अधिक तापमान खंडवा में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया. यह प्रदेश में सबसे अधिक रहा. इसके अलावा खरगोन में 30.2 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.9 डिग्री, धार में 29.5 डिग्री और इंदौर में 28.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं से राहत मिलेगी, लेकिन इसके जाते ही पारा फिर गिरेगा और ठंड बढ़ने की संभावना है.

पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, 'उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है।

इस कारण दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का दौर शुरू हो गया। अमूमन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में तेज ठंड पड़ती है। पिछले 10 साल से यही ट्रेंड रहा है।'

बता दें कि नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा।

भोपाल में 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड भोपाल में दिसंबर में दिन-रात में ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हुई है। हालांकि, इस बार बारिश नहीं हुई लेकिन लगातार सात दिन तक शीतलहर और कोल्ड डे जैसी स्थिति रही। वहीं, रात के पारे में जबरदस्त गिरावट हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है लेकिन 15-16 दिसंबर की रात में यह 3.3 डिग्री दर्ज किया गया यानी पिछले 10 साल में तो पारा सबसे कम रहा ही, साथ में ओवरऑल रिकॉर्ड के करीब भी है।

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