“प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की दो दशकों से अधिक की सफलता” कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल भी होंगे शामिल

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सफलता और आगामी कार्ययोजना पर होगा विशेष कार्यक्रम

"प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की दो दशकों से अधिक की सफलता" कार्यक्रम में  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल भी होंगे शामिल

"प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की दो दशकों से अधिक की सफलता" के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे मंत्री पटेल

भोपाल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (एमपीआरआरडीए) द्वारा "प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की दो दशकों से अधिक की सफलता" के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम 24 दिसंबर को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में प्रातः 9:30 बजे आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी और ग्रामीण विकास मंत्रालय संयुक्त सचिव अमित शुक्ला उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर एमपीआरआरडीए द्वारा योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों की उपलब्धियां भी साझा की जाएंगी। पीएमजनमन योजना के कार्य, पुल पुलिया निर्माण, प्राधिकरण के नवाचार संवेग, ई मार्ग, संपर्क विहीन वन ग्राम जोड़ने, पीएमजीएसवाय के तहत मिसिंग लिंक जोड़ने के साथ आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, नवाचार और तकनीकी उपयोग, नैनो टेक्नोलॉजी और व्हाइट टॉपिंग एवं माइक्रो सरफेसिंग जैसी उन्नत तकनीकों पर प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा। इस दौरान निर्माण सामग्री के उपयोग, संधारण व्यवस्थाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा होगी। योजना की भविष्य की रणनीतियों और लक्ष्यों को भी साझा किया जायेगा।

पीएमजीएसवाय में राज्य ने हासिल किए अभूतपूर्व लक्ष्य

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत:(पीएमजीवाय) राज्य ने ग्रामीण संपर्कता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 97.91 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। इस योजना के तहत प्रदेश में कुल 20 हजार 227 मार्गों का निर्माण हुआ, जिनकी कुल लंबाई 89 हजार 612 किलोमीटर है। साथ ही, 1,377 वृहद पुलों का निर्माण कर 17,537 बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया। मध्यप्रदेश ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत देश में पहली सड़क का निर्माण प्राधिकरण द्वारा किया गया। पांच वर्ष गारंटी अवधि (DLP), पांच वर्ष पश्चात संधारण (MTN), दस वर्ष पश्चात संधारण (PTN) और पंद्रह वर्ष पश्चात संधारण (FTN) के तहत 27 हजार 67 मार्गों जिनकी लंबाई 95 हजार 747 किलोमीटर लंबाई का नियमित संधारण सुनिश्चित किया जा रहा है।

नेशनल क्वालिटी मॉनीटर द्वारा निरीक्षण में प्रदेश ने 91.40 प्रतिशत संतोषजनक परिणाम हासिल कर, उच्च निरीक्षण वाले अग्रणी राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। पिछले तीन वर्षों में निर्माण गुणवत्ता और अधिकतम सड़क लंबाई के लिए मध्य प्रदेश को भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है। सड़क निर्माण में नवाचार के तहत वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग करते हुए प्रदेश में 10 हजार 290 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया, जो देश में सर्वाधिक है। आरआरडीए द्वारा विकसित ई-मार्ग सॉफ्टवेयर को पूरे देश में लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त डीएलपी पश्चात सड़कों के संधारण के लिए विकसित मॉडल का भी देशभर में अनुकरण किया जा रहा है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति