राजस्थान-जैसलमेर में भू-जल मंत्री कन्हैयालाल ने किया जलधारा फूटने के स्थान का निरीक्षण

जैसलमेर।

जैसलमेर के मोहनगढ़ क्षेत्र में कुछ दिनों पूर्व खुदाई के दौरान जमीन से गैस के साथ पानी की धार फूटने एवं इसमें ट्रक धंसने की घटना के बाद लगाए जा रहे विभिन्न तरह के कयासों के बीच राजस्थान के जलदाय एवं भू-जल मंत्री कन्हैयालाल चौधरी मौका-मुआयना करने पहुंचे।

भू-जल मंत्री ने खेत के मालिक एवं आसपास बसे ग्रामीणों से इस घटना की बारीकी से जानकारी ली। चूंकि भू-जल मंत्री कन्हैयालाल चौधरी जैसलमेर जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं, ऐसे में इनके मौके पर पहुंचने से प्रशासनिक अमला अलर्ट नजर आया। हालांकि भू-गर्भशास्त्री एवं इतिहासकार जैसलमेर-बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाके में बरसों पूर्व विलुप्त हो चुकी सरस्वती नदी के एक जमाने में बहने के दावे करते आए हैं और मोहनगढ़ में जिस स्थान पर गैस एवं पानी की धार फूटी, वहां विशेषज्ञों की टीम दौरा भी कर चुकी है। इसके बावजूद फिलहाल सभी तरह के कयासों को नकारते हुए फाइनल रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। भू-जल मंत्री के साथ जैसलमेर विधायक छोटू सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रारंभिक तौर पर पानी खारा एवं गैस अनुपयोगी
हालांकि विशेषज्ञ अलग-अलग तरह के दावे करते नजर आ रहे हैं, लेकिन प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा कि ट्यूबवेल खुदाई से फूटी जलधारा का पानी खारा है और इसके साथ तेज दबाव से निकलने वाली गैस भी उपयोगी नहीं मानी जा रही है। आमतौर पर बाड़मेर एवं आसपास भू-गर्भ से अथाह तेल भंडार मिलने बाद कुछे विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि मोहनगढ़ में घटनास्थल पर भी तेल के या कोई उपयोगी गैस के भंडार मिल सकते हैं, लेकिन फिलहाल इस तरह की संभावना को लेकर सारे विशेषज्ञ एकराय नहीं हैं। जमीन से फूटी जलधारा का पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है और जांच रिपोर्ट का आने पर ही किसी तरह के निष्कर्ष तक पहुंचा जा सकेगा।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति