मकर संक्रांति पर्व पर प्रदेश सरकार महिलाओं को तिल, गुड़, कंगन और सुहाग सामग्री का वितरण किया जाएगा

भोपाल
मकर संक्रांति पर्व महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित होगा। जिला स्तर पर मुख्य कार्यक्रम होंगे। इसमें महिलाओं को तिल, गुड़, कंगन और सुहाग सामग्री का वितरण किया जाएगा। 12 जनवरी को प्रदेश के सभी स्कूलों में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर सूर्य नमस्कार और प्राणायाम होगा। कलेक्टर इन कार्यक्रमों की निगरानी करें। यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में जनकल्याण अभियान, मकर संक्रांति, धान उपार्जन और युवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के दौरान दिए।

कलेक्टर स्कूल के समय में परिवर्तन करना चाहें तो तुरंत करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतलहर को देखते हुए कलेक्टर सुविधा के अनुसार स्कूल समय में परिवर्तन करना चाहें तो तुरंत करें। परीक्षाओं की तैयारियों के लिए अधिकारी, छात्रों और पालकों के साथ स्कूल ही नहीं कॉलेज स्तर पर भी समन्वय स्थापित करें। सिंहस्थ की तैयारियों को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभाग के अधिकारी प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं का अध्ययन करें और देखें कि कैसे सिंहस्थ में व्यवस्थित संचालन में वे प्रभावशील हो सकती हैं।

युवा दिवस पर सभी स्कूलों में होगा सामूहिक सूर्य नमस्कार, प्राणायाम
बैठक में मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर स्वामी विवेकानंद जयंती पर 12 जनवरी को आयोजित युवा उत्सव के कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करें। प्रदेश के सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं सामूहिक सूर्य नमस्कार के साथ प्राणायाम में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री के संदेश एवं सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं एवं प्राणायाम का प्रसारण किया जाएगा।

धान का लंबित भुगतान करवाएं
धान उपार्जन की समीक्षा करते हुए कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए उपार्जित धान को गोदामों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए परिवहन करवाएं। किसानों का लंबित भुगतान प्राथमिकता के आधार पर हो। इस दौरान अपर मुख्य सचिव डा.राजेश राजौरा ने बताया कि अब तक 7.72 लाख किसानों से 36.89 लाख टन धान खरीदा गया है। इसमें से 28.01 लाख टन धान का परिवहन किया जा चुका है। मीलिंग के बाद 1.60 लाख टन चावल जमा कराया जा चुका है।

कोई पात्र योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे
कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहे। कलेक्टर स्वयं इसकी निगरानी करें। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में किए गए कार्यों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराएं, जिससे आंकलन किया जा सके। इस दौरान बताया गया कि 25 लाख 70 हजार आवेदन में से 87.9 प्रतिशत आवेदन स्वीकृत किए गए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डा. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा, अनुपम राजन सहित वरिष्ठ अधिकारी मंत्रालय से और कलेक्टर व जनप्रतिनिधि वर्चुअली शामिल हुए।

यह भी दिए निर्देश
शीत लहर के चलते सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार एवं रैन बसेरे आदि में अलाव की व्यवस्था करें।
फुटपाथ एवं खुली जगह पर सोने वालों को किसी सुरक्षित स्थान पर रात्रि विश्राम के लिए भिजवाएं।
सर्दी-खांसी एवं अन्य बीमारियों से बचाव के लिए जिला अस्पतालों में व्यवस्था करें और चिकित्सा शिविर लगाएं।
प्रदेश में एचएमपीवी वायरस के रोकथाम के लिए विशेष सावधानी रखें और बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार भी करें।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति