आपातकालीन परिस्थितियों में ईपीएफओ से निकाल सकते हैं 75% तक राशि

भोपाल

कर्मचारी भविष्य निधि न केवल सेवानिवृत्ति के बाद का आर्थिक सहारा बनता है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी यह फंड एक मजबूत सहायक साबित होता है। नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ ने ऐसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जिनसे वे बेरोजगारी, फैक्ट्री बंद होने या अन्य वित्तीय संकट के समय अपने पीएफ खाते से राशि निकाल सकते हैं।

यह सुविधा न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि अचानक आई समस्याओं से उबरने का एक सशक्त माध्यम भी है। पीएफ का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक स्थिरता प्रदान करना है।

पीएफ खाते में हर माह कर्मचारी और नियोक्ता द्वारा जमा की गई राशि पर ब्याज मिलता है। सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी के पास दो विकल्प होते हैं, वह पूरी जमा राशि को एकसाथ निकाल सकता है या वह इसे मासिक पेंशन के रूप में प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा कर्मचारी अपनी जरूरतों के अनुसार सेवानिवृत्ति से पहले भी पीएफ खाते से कुछ राशि निकाल सकता है।

15 दिन से ज्यादा समय फैक्ट्री बंद होने पर
यदि किसी फैक्ट्री या प्रतिष्ठान में लॉकडाउन जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं और वह 15 दिन से ज्यादा समय तक बंद रहती है तो कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा 100% तक राशि निकाल सकता है। यह राशि उसे बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वह अपनी वित्तीय जरूरतें पूरी कर सके।

यदि किसी कर्मचारी को नौकरी से निकाला जाता है या छंटनी में उसे हटा दिया जाता है और उसने इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है तो वह पीएफ खाते से एडवांस में 50 प्रतिशत तक राशि निकाल सकता है।

छह माह तक फैक्ट्री बंद होने पर
यदि कोई फैक्ट्री या प्रतिष्ठान छह महीने से अधिक समय तक बंद रहता है तो कर्मचारी को 100 प्रतिशत एडवांस राशि निकालने की अनुमति होती है। जब फैक्ट्री पुनः चालू होती है तो कर्मचारी को यह राशि 36 किस्तों में अपने वेतन से वापस चुकानी होती है।

नान रिकवरेबल एडवांस का प्रविधान
यदि कोई प्रतिष्ठान पांच साल से अधिक समय तक बंद रहता है तो कर्मचारी के लिखित अनुरोध पर यह राशि नान रिकवरेबल एडवांस में बदल दी जाती है। इसका मतलब यह है कि कर्मचारी को इस राशि को वापस नहीं करना होगा।

यह प्रविधान खास तौर पर उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है, जो लंबे समय तक बेरोजगारी की स्थिति में रहते हैं। ईपीएफओ कर्मचारियों को पीएफ खाते पर सात प्रकार की पेंशन योजनाओं का लाभ भी देता है। इनमें मासिक पेंशन, सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त राशि, और इमरजेंसी पेंशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ये योजनाएं कर्मचारियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार आर्थिक मदद प्रदान करती है।

बेरोजगारी की स्थिति में
यदि कोई कर्मचारी किसी कारणवश एक माह या उससे अधिक समय तक बेरोजगार रहता है तो वह अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि का 75 प्रतिशत तक निकाल सकता है।

पीएफ निकासी की ऑनलाइन प्रक्रिया
    वर्तमान समय में ईपीएफओ ने पीएफ निकासी की प्रक्रिया सरल और डिजिटल बना दी है।
    यूनिवर्सल अकाउंट नंबर का उपयोग कर ऑनलाइन निकासी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
    इसके लिए पहले ईपीएफओ की वेबसाइट पर लॉगिन करें।
    अपना यूएएप और पासवर्ड दर्ज करें, ‘क्लेम’ ऑप्शन पर क्लिक करें
    आवश्यक जानकारी भरें, एडवांस निकासी का कारण चुनें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
    इसके बाद में राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति