संभल में अवैध दुकानों पर चलेगा बुलडोजर, प्रशासन ने दुकानदारों को दिया अल्टीमेटम

 संभल

यूपी के संभल में मस्जिद के गेट पर 'अकर्म मोचन कूप' की खुदाई होने के अब 46 साल पहले 1978 में बनी दुकानों को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, एसडीएम ने 12 दुकानों के मालिकों को बुलाकर उनसे दस्तावेज मांगे थे. जांच में दुकानों के दस्तावेज रजिस्टर्ड नहीं निकले. जिसके बाद एसडीएम ने बाजार की सड़क की नपाई कराई और दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए एक दिन का समय दिया. अगर खुद से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन बुलडोजर से अवैध दुकानों को ध्वस्त करेगा.

बता दें कि संभल की जामा मस्जिद से ढाई सौ मीटर की दूरी पर सदर कोतवाली के सामने स्थित मस्जिद के गेट पर स्थित 19 कूपों में से एक 'अकर्म मोचन कूप' की खुदाई का काम शुक्रवार को डीएम राजेंद्र पैंसिया की मौजूदगी में शुरू हुआ था. जिसके बाद शनिवार को कुएं का रास्ता निकालने के लिए मस्जिद के आगे ही बुलडोजर ने एक दुकान को ध्वस्त करने की कार्रवाई की थी. लेकिन अब प्रशासन ने उसी कूप के पास से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए मस्जिद के बाहर बनी हुई 12 दुकानों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की है.

एसडीएम वंदना मिश्रा ने मस्जिद के बाहर स्थित सभी 12 दुकानों के व्यापारियों को बुलाकर कोतवाली में बैठक की और दुकानों से संबंधित दस्तावेज मांगे. लेकिन दुकानदारों ने एसडीएम के सामने जो दस्तावेज दिखाए वह रजिस्टर्ड नहीं थे. जिसके बाद प्रशासन ने कूप के आसपास और सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर पालिका प्रशासन की टीम को बुलाकर बाजार की सड़क की नपाई कराई.  

इसी बीच मस्जिद के मुतवल्ली हाजी एहतेशाम और एक दुकान में बैठने वाले जमाल रिजवी ने एसडीएम के सामने दुकानों का निर्माण 1978 में होने का दावा भी किया. इसपर एसडीएम ने दस्तावेज दिखाने की बात कही, मगर दुकानदार कागज नहीं दिखा सके. जिसके बाद एसडीएम ने सभी दुकानों के व्यापारियों को दस्तावेज दिखाने के लिए एक दिन का समय दिया. प्रशासन के इस फैसले बाद से बाजार के दुकानदारों में हड़कंप मच गया. माना जा रहा है कि प्रशासन जल्द ही मस्जिद के बाहर बनी हुई सभी 12 दुकानें हटाने के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा.

इस बाबत एसडीएम वंदना मिश्रा ने बताया कि जिस जगह पर दुकानें बनी हैं, उस जगह पर सड़क की चौड़ाई कम हो गई है और इससे स्पष्ट पता लगता है कि दुकानें अतिक्रमण करके सड़क पर ही बनाई गई हैं. इसी को लेकर बैठक की गई और कहा गया कि खुद ही इन दुकानों को हटा लिया जाए. मौके पर कुल 12 दुकानें है जिनको लेकर निर्देश दिए गए हैं. इन लोगों के द्वारा बताया गया है कि 12 दुकानों में से 11 दुकानों का किराया मस्जिद के द्वारा ही लिया जाता है.

 

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