देश ने वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात अप्रैल-दिसंबर में 6 प्रतिशत बढ़कर 602 अरब डॉलर रहा

नई दिल्ली
 वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने  बताया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में भारत का कुल वस्तु एवं सेवा निर्यात 6.03 प्रतिशत बढ़कर 602.64 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 568.36 अरब डॉलर था।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अप्रैल-दिसंबर 2024 के दौरान वस्तु निर्यात का संचयी मूल्य 321.71 अरब डॉलर था, जबकि अप्रैल-दिसंबर 2023 के दौरान यह 316.65 अरब डॉलर था, जो 1.6 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दिखाता है।

दिसंबर 2024 में भारत का कुल वस्तु और सेवाओं का निर्यात 70.67 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जो दिसंबर 2023 की तुलना में 0.92 प्रतिशत अधिक है। वहीं, इस महीने के लिए कुल वस्तु और सेवाओं का आयात 77.44 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.4 प्रतिशत अधिक है।

बीते महीने वस्तु निर्यात में सबसे अधिक हिस्सेदारी इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, इंजीनियरिंग गुड्स, चावल, सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स और हथकरघा उत्पादों की रही।

इलेक्ट्रॉनिक गुड्स का निर्यात दिसंबर 2023 के आंकड़े 2.65 अरब डॉलर से 35.11 प्रतिशत बढ़कर दिसंबर 2024 में 3.58 अरब डॉलर हो गया।

इंजीनियरिंग गुड्स का निर्यात दिसंबर 2023 के 10.01 अरब डॉलर के मुकाबले 8.35 प्रतिशत बढ़कर दिसंबर 2024 में 10.84 अरब डॉलर हो गया है।

चावल का निर्यात दिसंबर 2023 में 0.87 अरब डॉलर था, जो दिसंबर 2024 में 64.03 प्रतिशत बढ़कर 1.43 अरब डॉलर हो` गया है।

रेडी-मेड गारमेंट्स का निर्यात दिसंबर 2023 के आंकड़े 1.30 अरब डॉलर से 12.89 प्रतिशत बढ़कर दिसंबर 2024 में 1.46 अरब डॉलर हो गया।

सूती धागे, कपड़े और हथकरघा उत्पादों का निर्यात दिसंबर 2023 के स्तर 0.94 अरब डॉलर से 11.98 प्रतिशत बढ़कर दिसंबर 2024 में 1.05 अरब डॉलर हो गया।

दिसंबर 2024 में गैर-पेट्रोलियम निर्यात का मूल्य 33.09 अरब डॉलर था, जो दिसंबर 2023 में 31.50 बिलियन डॉलर की तुलना में 5.05 प्रतिशत की वृद्धि को दिखाता है।

अप्रैल-दिसंबर 2024 में संचयी गैर-पेट्रोलियम निर्यात का मूल्य 272.70 अरब डॉलर रहा है, जो अप्रैल-दिसंबर 2023 के 254.74 अरब डॉलर की तुलना में 7.05 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

गैर-पेट्रोलियम, नॉन-जेम और आभूषण निर्यात में दिसंबर 2023 के 28.60 अरब डॉलर से 8.25 प्रतिशत बढ़कर दिसंबर 2024 में 30.96 अरब डॉलर हो गया है।

दिसंबर 2024 में 32.66 अरब डॉलर के मूल्य की सेवाओं का निर्यात हुआ है, जोकि पिछले वर्ष समान अवधि में 31.63 अरब डॉलर था। सेवाओं का आयात दिसंबर 2024 में बढ़कर 17.50 अरब डॉलर हो गया है। यह आंकड़ा दिसंबर 2023 में 15.63 अरब डॉलर था।

admin

Related Posts

आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी…

सारा खेल पलटा! भारत-EU डील ने अमेरिका की सोच पर डाला दबाव

 नई दिल्ली     भारत-EU डील अमेरिका के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह साफ संदेश देती है कि अब भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा. इसी कड़ी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति