भारतीय महिला टीम ने आयरलैंड को 304 रनों से हराया और सीरीज भी 3-0 से जीती

राजकोट
 प्रतिका रावल (154) और कप्तान स्मृति मंधाना (135) की तूफानी शतकीय पारियों के बाद दीप्ति शर्मा (तीन विकेट) के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय महिला टीम ने बुधवार को तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में आयरलैंड को रिकार्ड 304 रनों से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 3-0 से जीत ली हैं
भारत के 435 रनों के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की महिला टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 24 के स्कोर पर अपने दो विकेट गवां दिये। कप्तान गैबी लुईस (एक) को तितास साधु ने पगबाधा आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। क्रिस्टिना कुल्टर रीली (शून्य) को सायली सातघरे ने बोल्ड आउट किया। इसके बाद सारा फोर्ब्स और ऑर्ला प्रेंडरगस्ट ने पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़े। 15वें ओवर में तनुजा कंवर ने ऑर्ला प्रेंडरगस्ट (36) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। सारा फोर्ब्स (41) रनआउट हुई। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने लॉरा डेलेनी (10), ली पॉल (15) को आउट किया। आर्लीन केली (दो), जॉर्जिना डेम्पसी (शून्य) पर रनआउट हुई। 31वें ओवर में अवा कैनिंग (दो) नौवें विकेट के रूप में आउट हुई।
दीप्ति शर्मा ने 32वें ओवर की चौथी गेंद पर फ्रेया सार्जेंट (एक) को आउट कर आयरलैंड की पारी 131 के स्कोर पर अंत कर दिया। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने 27 रन देकर तीन विकेट लिये। तनुजा कंवर को दो विकेट मिले। तितास साधु, सायली सातघरे और मिन्नू मनी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।
इससे पहले आज यहां भारतीय टीम की कप्तान स्मृति मंधाना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी प्रतिका रावल और कप्तान स्मृति मंधाना की भारतीय सलामी जोड़ी ने तूफानी अंदाज में शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए रिकार्ड 233 रनों की साझेदारी की। 27वें ओवर में ऑर्ला प्रेंडरगस्ट ने स्मृति मंधाना को आउट कर आयरलैंड को पहली सफलता दिलाई। मंधाना ने 80 गेंदों में 12 चौके और सात छक्के लगाते हुए (135)रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने मात्र 70 गेंदों में अपना 10वां एकदिवसीय शतक भी पूरा किया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आयी ऋचा घोष ने प्रतिका रावल के साथ दूसरे विकेट लिये 104 रनों की साझेदारी की। 39वें ओवर में आर्लीन केली ने ऋचा घोष को बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। ऋचा घोष ने 42 गेदों में 10 चौके और एक छक्के की मदद से (59) रन बनाये।
दोहरे शतक की ओर बढ़ रही प्रतिका रावल को 44वें ओवर में फ्रेया सार्जेंट ने डेम्पसी के हाथों कैच आउट कराया। प्रतिका रावल ने 129 गेंदों में 20 चौके और एक छक्का लगाते हुए (154) रन बनाये। रावल तीसरी ऐसी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने 150 के आंकड़े का पार किया है। तेजल हसबनिस (28), हरलीन देओल (15)रन बनाकर आउट हुई। दीप्ति शर्मा (11) और जेमिमा रॉड्रिग्स (चार) रन बनाकर नाबाद रही। भारतीय महिला टीम के बल्लेबाजों ने आयरलैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए निर्धारित 50 ओवरों में पांच विकेट पर 435 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। महिला एकदिवसीय मैच में अब तक यह चौथा सबसे बड़ा स्कोर है।
आयरलैंड की ओर से ऑर्ला प्रेंडरगस्ट ने दो विकेट लिये। आर्लीन केली, फ्रेया सार्जेंट और जॉर्जिना डेम्पसी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।

 

  • admin

    Related Posts

    AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

    तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति