विदेशों में मची आयुर्वेद की धूम, 5 से 10 किलो कम सकती है चर्बी

आयुर्वेद इतना शक्तिशाली है कि अब विदेशों में इसकी धूम मची हुई है। पहले अमेरिका जैसे विकसित देश भारत में जन्मी इस विधा की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते थे। मगर इसका प्रभाव देखते हुए इनके मूल निवासी आयुर्वेद को फॉलो कर रहे हैं। नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लीमेंटरी एंड इंटेग्रेटिव हेल्थ ने बताया कि करीब 2 लाख 40 हजार अमेरिकी आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन करते हैं।

प्राकृतिक पेड़, पौधे, फूल-पत्ति से आयुर्वेद में औषधि तैयार की जाती हैं। यह समस्या की जड़ पर काम करती हैं और स्वस्थ बनाती हैं। मोटापे के लिए भी इसमें कुछ उपाय बताए गए हैं। रसोई के अंदर रखी कई चीजों से आयुर्वेद में नुस्खा बनाने का तरीका बताया गया है। कुछ जड़ी बूटी आसपास मौजूद पंसारी के यहां मिल जाती हैं।

चुस्त जीवनशैली के साथ इन उपायों को करने से कुछ महीनों में 5 से 10 किलोग्राम वेट लॉस आसानी से कर सकते हैं। यह घरेलू इलाज शरीर के बुनियादी फंक्शन को ठीक करते हैं, जिससे मोटापे दोबारा नहीं आएगा। शरीर के हर अंग पर जमी चर्बी को कम करने के लिए इन्हें एक्सपर्ट की निगरानी में करें।

कलौंजी
ये काले दाने खाने से भूख कंट्रोल होती है। फिर एनर्जी के लिए शरीर चर्बी का इस्तेमाल करता है। कलौंजी का पाउडर या तेल का इस्तेमाल करके 2.1 किलोग्राम कम किया जा सकता है और कमर भी पतली होती है। एनसीबीआई पर पब्लिश रिसर्च में यह रिजल्ट 6 से 12 हफ्तों में मिल गया था।

काली मिर्च
​ढंग से खाना नहीं पचने पर बॉडी फैट बढ़ने लगता है। यह देसी मसाला डायजेशन बढ़ाता है। शरीर आसानी से फैट और कार्ब्स पचा लेता है और काम में लगा देता है। काली मिर्च को खाने में डालकर खा सकते हैं। सुबह खाली पेट इसे पानी में उबालकर पी सकते हैं।

त्रिफला पाउडर
इसके चूर्ण के अंदर आंवला, हरड़ और बहेड़ा को पीसकर डाला जाता है। यह आयुर्वेद का बहुत ताकतवर उपाय है। मोटापा, कमजोर नजर, टॉक्सिन, पेट की समस्या में इसे रामबाण माना जाता है। इसका काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।

विजयसार
यह पेड़ कई सारे फायदे देता है। इसका काढ़ा पीने से मोटापे को खत्म करने में मदद मिलती है। पीलिया की दिक्कत में भी इसका उपयोग कर सकते हैं। सफेद पानी ठीक करने की वजह से यह महिलाओं के लिए बहुत अच्छा उपाय है।

गुग्गुल
यह चिपचिपा पदार्थ पेड़ की राल से बनाया जाता है। इसे वेट लॉस का बेहतरीन उपाय कह सकते हैं, जिसकी मदद से मेटाबॉलिज्म मजबूत बनाया जा सकता है। इसके अंदर फैट सेल्स को तोड़ने वाले तत्व होते हैं।

 

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