विमुक्त जाति के 5 छात्रावासों में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी “परीक्षा दें हंसते-हंसते” कार्यक्रम संचालित करेगा

विमुक्त जाति के 5 छात्रावासों में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी "परीक्षा दें हंसते-हंसते" कार्यक्रम संचालित करेगा

विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु विभाग और विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के बीच हुआ एमओयू

भोपाल

प्रदेश के विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग और विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के बीच मंगलवार को विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर की उपस्थिति में एमओयू हुआ। प्रदेश के विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के 5 छात्रावासों में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की भोपाल शाखा "परीक्षा दें हंसते-हंसते" और संस्कार वर्ग की नियमित गतिविधियां संचालित करेगा। एमओयू में छात्रावास के बालक-बालिकाओं के समग्र व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए गतिविधियों को शामिल किया गया है। विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु विभाग की ओर से उप संचालक सुदीप्ति कोटस्थाने और विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा भोपाल की ओर से प्रांत संगठक सुरचना दीदी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर संचालक विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग नीरज वशिष्ठ और विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा भोपाल के प्रांत कार्यालय प्रमुख सुरेशचन्द्र सोनी और सह प्रांत प्रमुख मनोज गुप्ता भी उपस्थित थे।

इन छात्रावासों में संचालित होगा कार्यक्रम

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा भोपाल द्वारा प्रदेश के विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु विभाग के जिन 5 छात्रावासों में "परीक्षा दें हंसते-हंसते" कार्यक्रम संचालित होगा, उनमें विमुक्त जाति प्री-मेट्रिक बालक छात्रावास उज्जैन, प्री-मेट्रिक बालक छात्रावास गांधीनगर भोपाल, प्री-मेट्रिक बालक छात्रावास जीरापुर, प्री-मेट्रिक कन्या छात्रावास नेहरू नगर और प्री-मेट्रिक बालक छात्रावास राजगढ़ शामिल हैं।

ऐसी होंगी गतिविधियां

"परीक्षा दें हंसते-हंसते" और संस्कार वर्ग की नियमित गतिविधियों में कहानी, खेल और गीतों के माध्यम से छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के प्रति रूचि बनाये रखने पर जोर दिया जायेगा। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास को केन्द्रित कर उन्हें शिक्षा दी जायेगी। साथ ही राष्ट्रीयता का भाव जागृत कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान करने वाला सेवाभावी और कर्त्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाना शामिल है। शुरूआती चरण में पाँच छात्रावासों में कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। भविष्य में विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के सभी छात्रावासों में कार्यक्रम आयोजित होंगे।

 

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