एक दोस्त को हेयर स्टाइल के लिए चिढ़ाना पड़ा मेहेंगा, सीने में चाकू से हमला, इलाज के दौरान हुई मौत

 
रायपुर

राजधानी रायपुर एक बार फिर हत्या की वारदात से थर्रा उठा है. एक दोस्त ने अपने स्कूली दोस्त पर चाक़ू से हमला कर दिया. घायल नाबालिग की इलाज के दौरान मौत हो गई. दोंनो 9 वीं कक्षा के छात्र बताए जा रहे हैं. यह मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का है.

जानकारी के मुताबिक, 9वीं कक्षा में पढ़ने वाला दो छात्र अक्सर एक साथ ही स्कूल जाते है. इस दौरान दोनों के बीच हेयर स्टाइल को लेकर कई बार हल्की नोक-झोंक हो जाती थी. लेकिन ये बात एक छात्र को इतनी चुभ गई कि वो अपने दोस्त ही दोस्त का हत्यारा बन गया.

आरोपी दोस्त ने नाबालिग पर आज चाकू से हमला कर दिया. जिसके बाद घायल नाबालिग को इलाज के लिए भर्ती कराया गया. जहां उसकी मौत हो गई.  मौके पर पुलिस ने पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति