साइड इफेक्ट का दावा- सिंजेन इंटरनेशनल की ओर से आयोजित क्लिनिकल ट्रायल में शामिल एक व्यक्ति की हुई मौत

नई दिल्ली
सिंजेन इंटरनेशनल की ओर से आयोजित क्लिनिकल ट्रायल में शामिल एक व्यक्ति की मौत हो गई है। 33 वर्षीय यह शख्स बुधवार को जलाहल्ली में अपने भाई के घर पर मृत पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की पहचान नागेश वीरन्ना के तौर पर हुई। उसके भाई ने दावा किया कि परीक्षण के दौरान दी गई दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण मौत हुई है। नागेश के भाई का नाम रेवनासिद्दप्पा है, जो एक ड्राइवर के तौर पर काम करता है। उसने दावा किया कि ट्रायल में भाग लेने से पहले नागेश को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी।

रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले साल दिसंबर में नागेश को कुछ दिक्कत महसूस हुई। इसे देखते हुए उसे एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। रेवनासिद्दप्पा ने कहा कि कंपनी की ओर से उनसे संपर्क किया और उन्हें तुरंत अस्पताल जाने के लिए कहा था। शिकायत में कहा गया कि नागेश को ट्रायल के दौरान गोलियां और इंजेक्शन दिया गया था। परीक्षण वाली दवाएं लेने के बाद उसके पेट में भयानक दर्द हुआ। इससे वह काफी परेशान था और दर्द से कराह रहा था।

'रात के खाने के बाद गया सोने मगर…'
दोनों भाइयों ने रोज की तरह रात का खाना खाया और सोने चले गए। सुबह में जब रेवनासिद्दप्पा ने नागेश को जगाने का प्रयास किया, तो वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। उसने तुरंत आर एंड डी फर्म के डॉक्टर से संपर्क किया, जिन्होंने कहा कि नागेश को अस्पताल लेकर जाना चाहिए। मरीज को उसी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसका पहले इलाज हुआ था। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने नागेश को मृत घोषित कर दिया। जलाहल्ली पुलिस ने इसे लेकर अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। घटना के आसपास की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति