राजस्थान-राजभवन में मनाया राज्यों का स्थापना दिवस

जयपुर।

राजभवन में सोमवार को उत्तर प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव राज्य तथा केन्द्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। इस दौरान राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने इन राज्यों के स्थानीय निवासियों को शुभकामनाएं देते हुए 'विकसित भारत' में सभी की समान भागीदारी का आह्वान किया।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि अखण्ड भारत के राज्य विविधता में एकता की संस्कृति लिए हैं। उन्होंने राज्यों के नामकरण में निहित संस्कृति और उनकी विशेषताओं की चर्चा करते हुए कहा कि हर राज्य भारत की श्रेष्ठ संस्कृति से जुड़ा है। उन्होंने प्राचीन भारत के ज्ञान—विज्ञान और वैदिक संस्कृति से जुड़े सूक्ष्म पहलुओं की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि जो वैज्ञानिक खोजें पश्चिम के आधुनिक वैज्ञानिकों के नाम हैं, उनके बारे में हमारे वेद—पुराणों और भास्कराचार्य और उनकी पुत्री लीलावती ने पहले ही बता दिया था। उन्होंने कहा कि हमारा देश ज्ञान परम्परा की धरोहर लिए है। उन्होंने रियासतों के एकीकरण के बाद बने विभिन्न राज्यों की प्रगति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसमें वहां के नागरिकों की भी महती भूमिका रही है। राज्यपाल ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के अंतर्गत राज्यों के स्थापना दिवस मनाने को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राजभवन में इस तरह के आयोजन परस्पर संस्कृतियों के साझा संबंधों को दर्शाते हैं। राज्यपाल श्री बागडे ने विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वीराज और प्रमुख विशेषाधिकारी श्री राजकुमार सागर भी उपस्थित रहे।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति