माता वैष्णो देवी के दरबार में कटरा शहर और कटरा उप-मंडल के सभी 41 गांवों के निवासियों को प्राथमिकता

जम्मू
जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने घोषणा की है कि कटरा शहर और कटरा उप-मंडल के तहत आने वाले सभी 41 गांवों के निवासियों को माता का दर्शन करने में प्राथमिकता दी जाएगी। यानी जो लोग यहां के रहने वाले हैं, उन्हें आमजनों के मुकाबले माता के दर्शन तुरंत प्राप्त होंगे। श्राइन बोर्ड ने कहा है कि इसके लिए स्थानीय लोगों को अपना वैध पता दिखाना होगा। बोर्ड के मुताबिक, दुर्गा भवन के पास वैध पते के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड दिखाने पर श्री माता वैष्णो देवी जी के मंदिर में दर्शन में प्राथमिकता दी जाएगी।

श्राइन बोर्ड ने ये भी बताया है कि 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए निकास मार्ग की नींव रखने का काम भी शुरू कर दिया गया है। यह निकास मार्ग स्काईवॉक जैसा होगा, जिसका उद्देश्य भवन क्षेत्र और नए वैष्णवी भवन में भीड़भाड़ को कम करना होगा। ताकि श्रद्धालुओं को तीर्थयात्रा में दिक्कत ना हो और उन्हें सुखद अनुभव कराया जा सके। बता दें कि 31 दिसंबर, 2021 और 1 जनवरी, 2022 की में मची भगदड़ में 12 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे।

श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल गर्ग ने गणतंत्र दिवस के मौके पर अपने संबोधन के दौरान, गुफा मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों के कल्याण औरउनकी सुविधाओं के लिए श्राइन बोर्ड की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि श्राइन बोर्ड देश और विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को पूदेखते हुए मौजूदा बुनियादी ढांचे को और अधिक उन्नत और विस्तारित करने की किशिशों में जुटा है। उन्होंने बताया कि श्री माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल पर भक्तों की संख्या लगातार तीसरे वर्ष 90 लाख से अधिक रही है। पिछले साल यात्रा में भी इसी तरह का रुझान दिखा था, जब 95 लाख का आंकड़ा छू गया।

गर्ग ने आगामी दिल्ली-श्रीनगर ट्रेन संपर्क के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कटरा को एक महत्वपूर्ण स्टेशन के रूप में स्थापित करेगा और इससे पवित्र मंदिर की तीर्थयात्रा को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस विकास को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने कटरा रेलवे स्टेशन पर एक यात्री सुविधा केंद्र चालू किया है, जिससे तीर्थयात्री रेलवे स्टेशन से ही यात्रा के लिए अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इससे तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी।

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