सभी पात्र मेधावी विद्यार्थियों को जल्द ही मिलेंगे लैपटॉप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी पात्र मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी देने का निर्णय लिया है। शासकीय विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाले बच्चों को उनकी पसंद के अनुसार इलेक्ट्रिक या पेट्रोल वाली स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि टेंडर निकालकर स्कूटी दी जाएगी, यह पूर्णत: निराधार है। जो पात्र हैं उन्हें स्कूटी अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही हमारी सरकार पात्र मेधावी विद्यार्थियों को भी जल्द ही लैपटॉप भी वितरित करेगी। उन्होंने कहा है कि मेधावी छात्र-छात्राएं स्कूटी और लैपटॉप मिलने के बाद अपना भविष्य बनाने और उच्च शिक्षा पाने के लिए और अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना कर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति