केजरीवाल पर भड़के कुमार विश्वास, उन्हें आत्ममुग्ध, मित्रहंता, चरित्रहीन व्यक्ति करार दिया

नई दिल्ली
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत और आम आदमी पार्टी की करारी हार पर लोकप्रिय कवि कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भड़कते हुए उन्हें आत्ममुग्ध, मित्रहंता, चरित्रहीन व्यक्ति करार दिया है। साथ ही, जंगपुरा सीट से मनीष सिसोदिया के हारने पर कहा है कि जब मेरी पत्नी को यह खबर मिली तो उसके आंखों में आंसू आ गए और रोने लगी, क्योंकि एक बार सिसोदिया ने पत्नी से कहा था कि अभी तो ताकत है, जिस पर जवाब दिया था कि यह ताकत हमेशा नहीं रहती है।

चुनावी नतीजों पर बोलते हुए कुमार विश्वास ने बीजेपी को बधाई दी। साथ ही, उन्होंने कहा, ''वे सब आम आदमी पार्टी के लाखों कार्यकर्ता जो अन्ना आंदोलन से आए जो भारत की राजनीति को बदलना चाहते थे, इन उम्मीदों की हत्या एक निर्लज्ज, मित्रहंता, आत्ममुग्ध और चरित्रहीन व्यक्ति ने की, उसके प्रति क्या संवेदना, दिल्ली को उससे मुक्ति मिली। मैं जानता हूं आम आदमी पार्टी में जो लालच के लिए बच गए थे, वे सब भी अब वापस जाएंगे। कुछ पार्टियों में जाएंगे तो कुछ बिजनेस में लौटेंगे। पतन यहां से शुरू हुआ है। मेरे लिए खुश या दुख का विषय नहीं है। मैं बीच में खड़ा हूं। दुख है कि करोड़ों लोगों ने आशा लगाई थी। वे अपनी नौकरी, बिजनेस छोड़कर आए थे। इन सबकी हत्या आत्ममुग्ध आदमी ने की। उसे दंड मिला।''

कभी 'आप' के बड़े नेता रहे कुमार विश्वास ने कहा, ''खुशी है कि न्याय हुआ। यह कहना नहीं चाहिए कि जब टीवी पर जंगपुरा का फैसला दिखाई दिया कि मनीष सिसोदिया हार गया, तब हमेशा तटस्थ रहने वाली और राजनीति से दूर रहने वाली मेरी पत्नी रोने लगी और आंखों में आंसू आ गए। उसने एक बार (सिसोदिया) कहा था कि अभी तो ताकत है, जिस पर पत्नी ने कहा था कि भैया ताकत सदा तो नहीं रहती। उम्मीद करता हूं कि बाकी दल ऐसा अहंकार नहीं करेंगे और इससे सबक लेंगे।'' कुमार विश्वास ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहता हूं कि ऐसे व्यक्ति के समर्थन में काम किया, जिसने अपने मित्रों के पीठ पर छूरा घोंपा, गुरु को धोखा दिया। महिलाओं को पिटवाया। अब उनसे आशा लगाना छोड़ दें। उनके अच्छे भविष्य की कामना करता हूं।

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी बड़ी जीत हासिल करती दिख रही है। रुझानों में दोपहर डेढ़ बजे तक भाजपा 48 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि आम आदमी पार्टी को सिर्फ 22 सीटों पर बढ़त हासिल है। तीन बार के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल भी अपनी नई दिल्ली की सीट नहीं बचा सके और बीजेपी के प्रवेश वर्मा से हार गए। इसके अलावा, जंगपुरा से चुनाव लड़ रहे पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी चुनाव हार गए। चुनावी नतीजों के बाद दिल्ली में 27 सालों के बाद बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।

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