‘निशान-ए-पाकिस्तान’ तो उन्हें मिलना चाहिए जो नवाज शरीफ की बिरयानी खाकर लौटे थे: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा

जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन की सफलता को लेकर देशभर में सरकार की तारीफ हो रही है, लेकिन इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है।

राहुल गांधी के सवालों से शुरू हुआ विवाद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से सवाल किए। राहुल ने कहा कि अगर पाकिस्तान को पहले से हमले की जानकारी दी गई थी, तो कितने एयरक्राफ्ट नुकसान में गए? उन्होंने इसे 'सिर्फ चूक नहीं बल्कि एक अपराध' करार दिया और पूछा कि इस हमले की जानकारी पाकिस्तान को देने की मंजूरी किसने दी? राहुल गांधी ने विदेश मंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश को सच्चाई जानने का हक है।

बीजेपी का पलटवार – अमित मालवीय ने किया तंज
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक कार्टून शेयर करते हुए लिखा कि राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। अमित ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री या सेना को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर बधाई तक नहीं दी, बल्कि लगातार यह पूछते रहे कि हमने कितने एयरक्राफ्ट गंवाए। मालवीय ने सवाल किया, 'राहुल गांधी को क्या अगला ''निशान-ए-पाकिस्तान'' सम्मान मिलने वाला है?'

कांग्रेस का जवाब – पवन खेड़ा का पलटवार
इस टिप्पणी पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष गंभीर मुद्दों पर भी 'कार्टूनगिरी' करता है। उन्होंने कहा, 'हम सेना के साथ हैं, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। पहलगाम हमले के दोषी आतंकी भाग गए, उनका क्या हुआ?' खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि 'निशान-ए-पाकिस्तान' तो उन्हें मिलना चाहिए जो नवाज शरीफ की बिरयानी खाकर लौटे थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें पाकिस्तान ने यह सम्मान दिया था। साथ ही उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी और उस व्यक्ति की भी बात की, जो बिना बुलाए पाकिस्तान पहुंचा था। खेड़ा ने विदेश मंत्री जयशंकर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने खुद कहा था कि पाकिस्तान को बताया गया था कि हम सिर्फ आतंकी ठिकानों पर हमला कर रहे हैं। तो सवाल उठता है कि यह जानकारी क्यों दी गई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है?

सेना की प्रतिक्रिया – सभी पायलट सुरक्षित
11 मई को एयर मार्शल एके भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि भारत युद्ध जैसी स्थिति में है और नुकसान इस प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य पूरी तरह से सफल रहा है। हालांकि, उन्होंने नुकसान या रणनीतिक जानकारी साझा करने से इनकार किया ताकि कोई भी संवेदनशील जानकारी दुश्मन के हाथ न लगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के सभी पायलट सुरक्षित लौट आए हैं।

  • admin

    Related Posts

    अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

    कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

    ‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

    गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति