‘रक्त ब्रह्मांड’ के लिए खूब पसीना बहा रहे अली फजल, इटली के एमएमए फाइटर से सीख रहे मार्शल आर्ट

मुंबई,

 मशहूर एक्टर अली फजल इन दिनों अपनी अगली वेब सीरीज ‘रक्त ब्रह्मांड’ की तैयारी में जुटे हैं। इसके लिए वह जूजुत्सु नाम की एक मार्शल आर्ट सीख रहे हैं। इस आर्ट में बिना हथियार के खुद को बचाने और सामने वाले को काबू में करने की कला सिखाई जाती है। इसकी ट्रेनिंग एक्टर को इटली के एक्सपर्ट और ब्लैक बेल्ट उम्बर्टो बारबागालो दे रहे हैं।

अली फजल फिल्म के अगले हिस्से की शूटिंग से पहले इस ट्रेनिंग को पूरी मेहनत से कर रहे हैं, ताकि उनका किरदार और भी दमदार दिखे।

फिल्म की तैयारी को लेकर प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने कहा, “अली शुरू से ही यह बात साफ कर चुके थे कि वह इस किरदार के लिए अच्छी तरह से ट्रेनिंग लेना चाहते हैं।”

सूत्र ने आगे बताया, “अली एक्शन सीन के लिए बॉडी डबल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे। इसलिए टीम ने उम्बर्टो को बुलाया, ताकि वह अली को सही ट्रेनिंग दे सकें।”

‘रक्त ब्रह्मांड’ का निर्माण मशहूर फिल्ममेकर राज और डीके कर रहे हैं। वहीं इसका निर्देशन राही अनिल बर्वे कर रहे हैं। इस सीरीज में आदित्य रॉय कपूर, सामंथा रुथ प्रभु और वामिका गब्बी समेत कई अन्य सितारे भी शामिल हैं।

‘रक्त ब्रह्मांड: द ब्लडी किंगडम’ एक एक्शन और फैंटेसी से भरपूर सीरीज है, जिसे नेटफ्लिक्स पर दिखाया जाएगा। यह सीरीज मराठी लेखक जी. ए. कुलकर्णी की कहानी ‘विदूषक’ पर आधारित है। इसमें कुल 6 एपिसोड होंगे।

इस फिल्म की तैयारी को लेकर मार्च में अली फजल ने बताया था कि वह पिछले एक साल से अपने बाल बढ़ा रहे हैं। साथ ही, वह हर दिन 6 से 7 घंटे ट्रेनिंग कर रहे हैं ताकि उनके शरीर उनके किरदार के हिसाब से फिट हो सके। इसके अलावा, वह कुछ भारतीय मार्शल आर्ट्स भी सीख रहे हैं, ताकि जब वह एक्शन सीन करें तो स्क्रीन पर असरदार लगे। वह बोलने की कला की भी ट्रेनिंग ले रहे हैं, ताकि वह अपने किरदार के डायलॉग्स साफ और असरदार तरीके से बोल सकें।

एक्टर ने कहा था, “‘रक्त ब्रह्मांड’ साइन करना मेरे लिए बेहद आसान फैसला था, क्योंकि यह अब तक किए गए काम से बिल्कुल अलग है। इसकी कहानी और सोच बेहद शानदार है।”

उन्होंने आगे कहा था, “मुझे पहले दिन से ही पता था कि इस किरदार के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत तैयारी करनी पड़ेगी। मैं हर दिन लगभग 6-7 घंटे ट्रेनिंग कर रहा हूं, चाहे वह सही शरीर बनाने के लिए वेट ट्रेनिंग हो, अपनी बोली सुधारने के लिए डिक्शन क्लास हो, या पुराने भारतीय मार्शल आर्ट्स सीखने के लिए, ताकि मेरे एक्शन सीन असली दिखें।”

 

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