सुंदर पिचाई का साफ संदेश: इंजीनियर बनना है तो AI सीखना अनिवार्य

नई दिल्ली

गूगल की ओर से अपनी ऑल-हैंड्स मीटिंग में कर्मचारियों को साफ कर दिया गया है कि कंपनी अब पूरी तरह से AI पर फोकस होगी। इसे लेकर खुद सुंदर पिचाई ने कहा है कि जब कंपनियां बड़े निवेश करती हैं, तो ज्यादा हायरिंग होती हैं लेकिन गूगल में ऐसा नहीं होगा। दरअसल गूगल AI के इस दौर में कम कर्मचारियों से ज्यादा और तेज काम करवाना चाहता है। पिचाई ने इस मीटिंग में जानकारी दी है कि इस साल गूगल AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉ में लगभग 85 बिलियन डॉलर खर्च करेगी। हालांकि फिर भी नई भर्तियां बहुत सीमित होंगी।

कर्मचारियों को मिल रही AI की ट्रेनिंग
बता दें कि सुंदर पिचाई ने इस मीटिंग में अपने कर्मचारियों से AI को हाथों-हाथ लेने के लिए कहा है। इसके लिए कंपनी ने AI Savvy Google नाम का प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है, जिसकी मदद से गूगल के इंजीनियर्स को AI की ट्रेनिंग दी जा रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि गूगल के कर्मचारी अपनी रोजमर्रा की कोडिंग में AI को शामिल करना सीखें। इसके लिए DeepMind के साथ मिलकर "Building with Gemini" नाम का एक कोर्स भी बनाया गया है ताकि इंजीनियर Gemini AI का ठीक तरीके से इस्तेमाल करना सीख सकें।

कर्मचारियों को मिले AI कोडिंग असिस्टेंट
गूगल अपने कर्मचारियों को सिर्फ AI की ट्रेनिंग ही नहीं दे रहा बल्कि गूगल ने एक खास AI कोडिंग असिस्टेंट भी पेश किया है। इसका इस्तेमाल अब गूगल के 50% इंजीनियर रोजाना कर रहे हैं। गूगल का मकसद है कि इस AI असिस्टेंट को डेवलपर की दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। साथ ही गूगल ने Windsurf नाम के एक AI स्टार्टअप को 2.4 बिलियन डॉलर में खरीदा है। इस कंपनी के सीईओ वरुण मोहन अब गूगल के साथ उन्हें AI के क्षेत्र में मजबूत बनाने का काम कर रहे हैं।

गूगल में कर्मचारियों की स्थिति
पिछले कुछ समय में गूगल में कर्मचारियों की भर्ती देखने को मिली है लेकिन यह 2023 के मुकाबले में अभी भी काफी कम है। गूगल अपनी वर्कफोर्स का 6% हिस्सा पहले ही घटा चुकी है। इसके अलावा कुछ विभागों में वॉलंटरी बायआउट की पेशकश की गई है। कुल मिलाकर अब कंपनी "छोटी टीम, स्मार्ट टूल्स और तेज आउटपुट" की स्ट्रैटजी पर काम कर रही है और गूगल के साथ अब आगे बढ़ने के लिए AI को अपनाना बेहद जरूरी हो जाएगा। गूगल की मीटिंग से निकल कर आई यह तमाम जानकारी इस बात को साफ करती है कि भविष्य में शायद AI द्वारा नौकरी खाए जाने वाली बात सच साबित हो जाए क्योंकि कुछ ऐसा ही हम फिलहाल होता देख रहे हैं।

  • admin

    Related Posts

    चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

    कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र…

    AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

    नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति