हॉकी में भारत का जलवा, रोमांचक मैच में जापान पर 3-2 की जीत, कप्तान हरमनप्रीत छाए

पटना 
बिहार के राजगीर में खेले जा रहे एशिया कप 2025 में भारतीय हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है. भारतीय टीम ने अपने दूसरे पूल मुकाबले में जापान को 3-2 से हरा दिया. 31 अगस्त (रविवार) को खेले गए इस मैच में भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह (5वें मिनट और 46वें मिनट) ने दो गोल दागे. वहीं मनदीप सिंह (4वें मिनट) एक गोल करने में सफल रहे. दूसरी ओर जापान के लिए कवाबे कोसेई (38वें मिनट और 59वें मिनट) ने दोनों गोल किए. जापान के खिलाफ मैच में भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने कुछ बेहतरीन बचाव किए. कृष्ण बहादुर का ये 150वां इंटरनेशनल मुकाबला था. बता दें कि भारतीय टीम ने अपने पहले मुकाबले में चीन को 4-3 से हराया था. अब भारतीय टीम अपने आखिरी पूल मुकाबले में 1 सितंबर (सोमवार) को कजाकिस्तान से भिड़ेगी.

ऐसा रहा दोनों के बीच मुकाबला
भारतीय टीम ने तूफानी शुरुआत की और पहले ही क्वार्टर में दो गोल दाग दिए. क्वार्टर के चौथे मिनट में ही मनदीप सिंह ने शानदार फील्ड गोल किया. अगले ही मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारतीय टीम को 2-0 से आगे कर दिया. दूसरा क्वार्टर कांटेदार रहा, जहां दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं. दोनों टीमों ने जरूर मौके बनाए, लेकिन गोल पोस्ट में गेंद डाल नहीं सकीं. हाफटाइम तक स्कोर भारत के पक्ष में 2-0 था.

तीसरे क्वार्टर में जापान ने आक्रामक खेल दिखाने का प्रयास किया. इसका उसे फायदा भी मिला, जब क्वार्टर के आठवें मिनट में कवाबे कोसेई ने जापान के लिए गोल करके स्कोर 2-1 कर दिया. ये स्कोर तीसरे क्वार्टर के अंत रहा. फिर चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसपर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल कर भारत को 3-1 से आगे कर दिया. जापानी टीम इस गोल को खाने के बाद भी लड़ती रही और खेल खत्म होने से लगभग दो मिनट पहले कवाबे कोसेई गोल करने में कामयाब रहे.

एशिया कप में भारतीय टीम को जापान, चीन और कजाकिस्तान के साथ पूल-ए में रखा गया है. वहीं पूल-बी में चीनी ताइपे, मलेशिया, साउथ कोरिया और बांग्लादेश की टीमें हैं. एशिया कप की विजेता टीम को अगले साल होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिलेगा. हॉकी वर्ल्ड कप नीदरलैंड्स और बेल्जियम में 14 से 30 अगस्त तक खेला जाना है.

भारत ने कितनी बार जीता एशिया कप?
बता दें कि एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का ये 17वां संस्करण है. भारतीय टीम ने अब तक तीन बार एशिया कप खिताब जीता है. भारतीय टीम आखिरी बार 2017 में इस टूर्नामेंट को जीतने में सफल रही थी. उससे पहले भारत 2003 और 2007 में भी चैम्पियन रहा था. साउथ कोरिया ने सबसे ज्यादा पांच और पाकिस्तान ने 3 बार खिताब जीता. पाकिस्तानी टीम ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर इस बार टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था.

एशिया कप के लिए भारतीय हॉकी टीम:
गोलकीपर: कृष्ण बहादुर पाठक, सूरज करकेरा.
डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, सुमित, संजय.
मिडफील्डर: मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह, राजिंदर सिंह.
फॉरवर्ड: मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह, अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह.

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति