केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बोले— मुंगेली मेला बनी शहर की पहचान, पांचवें दिन दर्शकों की भारी भीड़

मुंगेली

मुंगेली व्यापार मेला के पांचवें दिन रात्रि मेला देखने वाले लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी स्टॉलों में खरीदारी करते लोगों को देखा गया। झूले का आनंद लेने लोगों में बहुत दिलचस्पी दिखी। रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत आरू साहू को देखने-सुनने के लिए आसपास के गांवों से भारी संख्या में लोगों का आगमन हुआ। आरू साहू के गीतों और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत नृत्य का लोग देर रात तक लुत्फ उठाते रहे।

मुंगेली व्यापार मेला के पांचवें दिन दोपहर में चित्रकला प्रतियोगिता संपन्न हुई। जिसमें जूनियर वर्ग के लिए ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ एवं सीनियर वर्ग के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे विषय चित्रकारी करने के लिए दिए गए थे। सीनियर और जूनियर वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता निभाई। जिसमें जूनियर वर्ग प्रतियोगिता में समृद्धि तिवारी ने प्रथम, जिया साहू ने द्वितीय एवं अलंकृत सिंह ठाकुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में संदीप साहू ने प्रथम, समीर मिरी ने द्वितीय एवं रिया कश्यप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता के निर्णायक हिमांशु ताम्रकार एवं हरनीत कौर रहे।

रात्रिकालीन मंचीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की उपस्थिति रही। मां सरस्वती की पूजा–अर्चना के पश्चात अतिथियों का स्वागत संपन्न हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि मुंगेली व्यापार मेला का यह दसवां साल है। इसके लिए मैं स्टार्स ऑफ टुमॉरो की पूरी टीम को बधाई देता हूं। 40 स्टॉल से शुरू हुआ यह व्यापार मेला अब मुंगेली की पहचान बन चुका है। इतनी भारी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति यह बताती है कि व्यापार मेला अब लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। मैं आयोजन टीम को बधाई देता हूं।

इस अवसर पर जनपद पंचायत मुंगेली के पूर्व उपाध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने कहा कि हमने जो छोटा सा पौधा 10 वर्ष पहले लगाया था, आज वह विशाल वटवृक्ष के रूप में हमारे सामने दिखाई दे रहा है। मैं चाहता हूं कि यह निरंतर और बड़े स्वरूप में दिखाई दे। इस अवसर पर शिक्षाविद और समाजसेवी आकाश परिहार ने कहा कि मुंगेली व्यापार मेला का मैं 6 वर्ष तक सदस्य रहा और अब 4 वर्षों से संरक्षक के रूप में हूं। पर्यावरण के क्षेत्र में स्टार्स ऑफ टुमॉरो की टीम ने जो कार्य किया है वह प्रेरणादायक है। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य अतुलनीय है। मैं इस टीम को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।

इसके पूर्व स्टार्स ऑफ टुमॉरो के अध्यक्ष महावीर सिंह ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। मुंगेली व्यापार मेला का उद्देश्य संयोजक रामपाल सिंह ने बताया। कार्यक्रम का शानदार संचालन सह-संयोजक रामशरण यादव ने किया और आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष धनराज परिहार ने किया। तत्पश्चात बहुत ही आकर्षक कार्यक्रम मिस मुंगेली संपन्न हुआ। जिसमें लगभग 30 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा मंच पर प्रस्तुत की। मिस मुंगेली प्रतियोगिता में बेमेतरा की चित्रांशी यादव विजेता रहीं। इस प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर-अप आकांक्षा पाटले एवं सेकेंड रनर-अप तनु गोस्वामी रहीं।

admin

Related Posts

हिंदू धर्म से था लगाव, बालाघाट में जगद्गुरु शंकराचार्य के सान्निध्य में मोहसिन ने अपनाया सनातन

बालाघाट जात-पात में बंटे सकल सनातनी हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए हिंदू एकता परिचय देने के लिए बालाघाट जिला मुख्यालय के इतवारी कृषि उपज मंडी के प्रागंण में…

साहित्य उत्सव से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान

आलेख – छगन लोन्हारे उप संचालक (जनसंपर्क विभाग) रायपुर, बसंत पंचमी 23 जनवरी से नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

जब हनुमान जी बने लक्ष्य: बाण चलाने से पहले भरत को क्यों हुआ था भय?

जब हनुमान जी बने लक्ष्य: बाण चलाने से पहले भरत को क्यों हुआ था भय?

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी