सीबीएसई ने कक्षा 10वीं विज्ञान और सोशल साइंस के पैटर्न में बदलाव की घोषणा, नई गाइडलाइंस जारी

नई दिल्ली

इस साल दसवीं बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2026) में कई बदलाव किए गए हैं। जिसमें सोशल सोशल साइंस और साइंस का नया पैटर्न भी शामिल है। अब स्टूडेंट्स के लिए लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है।  केंद्र माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इन दो विषयों के रिवैल्यूएशन की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए प्रश्न पत्र को अलग-अलग सेक्शन में बांटा है। जिसकी जानकारी उम्मीदवारों को होनी चाहिए। इससे जुड़ी नई गाइडलाइंस जारी की गई है।

नोटिस के मुताबिक विज्ञान का पेपर तीन सेक्शन में विभाजित होगा, जिसमें खंड ए, बी और सी शामिल हैं।  सेक्शन ए बायोलॉजी, सेक्शन बी केमिस्ट्री और सेक्शन सी फिजिक्स का होगा।  वहीं सामाजिक विज्ञान का प्रश्न पत्र चार सेक्शन में विभाजित होगा। खंड-ए इतिहास, खंड-बी भूगोल, खंड-सी राजनीतिक विज्ञान और खंड-डी में इकोनॉमिक्स से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। सीबीएसई ने डिटेल जानकारी के लिए से दोनों विषयों के सैंपल पेपर को चेक करने की सलाह दी है, जो आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ पर उपलब्ध हैं।

पहले कैसा था पैटर्न?

पहले विज्ञान का पेपर 5 सेक्शन में बंटा होता था, सेक्शन ए में 16 एमसीक्यू और 4 ऐसेरेशन रीजनिंग टाइप के प्रश्न होते थे। वहीं सेक्शन बी में 6 शॉर्ट आंसर टाइप, सेक्शन सी में 7 शॉर्ट आंसर टाइप, सेक्शन-डी में तीन लॉन्ग आंसर टाइप और सेक्शन ई में तीन सोर्स/केस/ या पैसेज बेस्ड प्रश्न होते थे। सोशल साइंस का पेपर 6 सेक्शन में विभाजित होता था। सेक्शन ए में एमसीक्यू, सेक्शन बी में  दो अंकों के वेरी शॉर्ट आंसर टाइप, सेक्शन-सी शॉर्ट आंसर टाइप, सेक्शन-डी में लॉंग आंसर टाइप, सेक्शन ई में कैस बेस्ड क्वेश्चन और सेक्शन-एफ में  मैप बेस्ड प्रश्न होता था। लेकिन अब यह पैटर्न लागू नहीं होगा।
उम्मीदवारों को करना होगा इन नियमों का पालन 

    सभी स्टूडेंट को उत्तर लिखने के लिए विज्ञान में तीन भाग और सामाजिक विज्ञान में चार भाग में आन्सर-बुक को विभाजित करने का निर्देश दिया है।

    सवालों के जवाब सिर्फ उसी सेक्शन के लिए तय जगह में ही लिखे जाएंगे। किसी सेक्शन का जवाब किसी दूसरे सेक्शन  में नहीं लिखने की अनुमति।

    यदि जवाब मिले-जुले होंगे तो उनका मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। ना ही कोई अंक दिए जाएंगे।

    परिणाम परिणाम घोषित होने के बाद भी इस प्रकार की गलतियों को वेरिफिकेशन या रिवैल्यूएशन प्रक्रिया में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

स्कूलों को निर्देश जारी

बोर्ड में सभी स्कूलों को इस पैटर्न को की जानकारी अपने स्टूडेंट तक पहुंचाने की सलाह दी है। साथी ही  लिखने के लिए उन्हें तैयार करने को भी कहा गया है। स्कूल यह ध्यान रखें कि विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करें। ताकि बोर्ड परीक्षा के दौरान बोर्ड परीक्षा में उत्तर लिखते समय किसी प्रकार की गलती न हो। यह नियम प्री-बोर्ड परीक्षा में भी लागू होगा। दसवीं फेज-1 परीक्षा का आयोजन 17 फरवरी से लेकर 9 मार्च तक किया जाएगा। सोशल साइंस का पेपर 7 मार्च को सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 1:30 तक होगा। वही साइंस का पेपर 25 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाला है। इसके लिए भी 3 घंटे का समय उम्मीदवारों को दिया जाएगा।

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