मध्यप्रदेश में सितंबर का सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, पांढुर्णा-मंडला में अति भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल

मध्यप्रदेश में सितंबर का सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। अगले 2 दिन पूरे प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में पांढुर्णा और मंडला में आकाशीय बिजली चमकने के साथ अति भारी बारिश होने की संभावना जताई है।

भोपाल के सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, 'ओडिशा के पास डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक्टिव है। अगले 24 घंटे में यह स्ट्रॉन्ग होगा। मानसून ट्रफ मध्यप्रदेश के बीच से गुजर रही है। इसके चलते प्रदेश में कहीं अति भारी और कहीं भारी बारिश हो सकती है।' अब तक प्रदेश में औसत 36.8 इंच पानी गिर चुका है। सामान्य बारिश 37.3 इंच के लिए अब सिर्फ आधा इंच पानी की और जरूरत है। प्रदेश में कोटे की 99% बारिश हो चुकी है।

इन जिलों में भी गिरेगा पानी

रायसेन जिले के सांची और भीमबेटका, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नरसिंहपुर, बैतूल, सागर, दमोह, जबलपुर, शहडोल, कटनी, उमरिया, छतरपुर के खजुराहो, पन्ना, खरगोन के महेश्वर, धार के मांडू , सतना के चित्रकूट, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, निवाड़ी के ओरछा, टीकमगढ़, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, देवास, इंदौर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। रतलाम, खंडवा के ओंकारेश्वर, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, बड़वानी के बावनगजा, अलीराजपुर, झाबुआ, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर में भी बारिश होगी।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट शामिल है. जबकि हरदा, सीहोर, बुरहानपुर, झाबुआ, रतलाम, देवास, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, सिवनी, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, मैहर और पांढुर्णा में भी बारिश की संभावना जताई है.

ज्यादा बारिश वाले जिले
इस बार मानसून की दस्तक के साथ ही ज्यादातर जिलों में अच्छी बारिश हुई है. लगभग सभी जिले सामान्य के करीब पहुंच गए हैं. सबसे ज्यादा बारिश मंडला जिले में 48.18 इंच हो चुकी है, जबकि सिवनी में 47.87, श्योपुर में 45.89, डिंडौरी में 44.06, सीधी में 43.72, छिंदवाड़ा में 43.69, रायसेन में 41.73, सागर में 41.44, राजगढ़ में 40.94 और अनूपपुर में 40.45 बारिश दर्ज की जा चुकी है.

मध्य प्रदेश में सबसे कम बारिश की बात की जाए तो वह रीवा में हुई है. रीवा में सामान्य से 30% कम वर्षा हुई है. इसके अलावा बालाघाट में 10% कम, दमोह में 11% कम, पन्ना में तीन प्रतिशत कम, उमरिया में दो प्रतिशत कम, दतिया में 15% कम, नर्मदापुरम में 5% कम, उज्जैन में 13% कम, इंदौर में आठ और झाबुआ में 9% कम वर्षा दर्ज की गई है.

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