रायगढ़ प्लांट में दो दिवसीय “जेएसपी टेक-कैटलिस्ट 2025” का आगाज

रायपुर
जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) ने रायगढ़ प्लांट में तकनीक-आधारित स्टील निर्माण को बढ़ावा देने के लिए “जेएसपी टेक-कैटलिस्ट 2025” का भव्य आयोजन किया है। सोमवार से शुरू हुआ यह दो दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी स्टील निर्माण के भविष्य को आकार देने में आधुनिक तकनीक की भूमिका पर केंद्रित है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक अग्रणी कंपनियां भाग ले रही हैं, जिसमें दुनिया भर से 175 प्रतिनिधि और 60 से अधिक विशेषज्ञों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

आयोजन में मैकिंजी, सैप, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, प्राइमेटल्स टेक्नोलॉजीज, मेटसो, रॉकवेल और एसएमएस ग्रुप सहित दुनियाभर की नामचीन कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्विन्स, आईओटी, रोबोटिक्स, एआर/वीआर और ब्लॉकचेन जैसी अत्याधुनिक तकनीक की 25 लाइव प्रदर्शनी भी लगाई गई है। साथ ही कार्यबल सशक्तिकरण, ग्रीन स्टील इनोवेशन और सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन जैसे विषयों पर केंद्रित विशेष सत्रों का आयोजन भी किया जा रहा है। सोमवार को आयोजन का उद्घाटन जेएसपी के चेयरमैन नवीन जिन्दल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि "स्टील उद्योग आज एक ऐसे मोड़ पर है, जहां आधुनिक तकनीक, चुनौतियों को हल करने और दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जेएसपी में हम अपनी कार्य प्रथाओं और प्रक्रियाओं में एआई, आईओटी, और डिजिटल ट्विन्स जैसी उन्नत तकनीक को शामिल कर रहे हैं। टेक-कैटलिस्ट हमारे इंजीनियरों के लिए एक ऐसा मंच है, जहां वे इन तकनीकों को समझ सकते हैं और उन्हें स्मार्ट व ग्रीन स्टील निर्माण के लिए प्रयोग में ला सकते हैं।" “जेएसपी टेक-कैटलिस्ट 2025” की शुरुआत मैकिंजी के वरिष्ठ साझेदार रजत गुप्ता ने विश्व स्तर पर तकनीक के विकास पर प्रकाश डालते हुए की। इसके साथ ही विभिन्न विषयों पर वक्ताओं ने संबोधित किया। इसमें "आयरनएज: स्टील निर्माण की नई पहल" विषय पर प्राइमेटल्स टेकनोलॉजीज, एसएमस ग्रुप और मेटसो के वक्ताओं ने भाग लिया। "ग्रीनफोर्ज: सस्टेनेबल स्टील मेकिंग में इनोवेशन," विषय पर आयोजित सत्र में हाइड्रोजन और सीसीयूएस तकनीकों पर चर्चा हुई। "वर्कफोर्सएक्स: भविष्य के स्टील निर्माताओं को सशक्त बनाना," सैप, माइक्रोसॉफ्ट और डिटेक्ट टेक्नोलॉजीज के विशेषज्ञों ने इस सत्र में अपने विचार रखे। जेएसपी टेक-कैटलिस्ट 2025 को इस तरह तैयार किया गया है कि जेएसपी के इंजीनियर इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों के व्यावहारिक इस्तेमाल और नवीनतम इनोवेशन के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त कर सके  .
गौरतलब है कि जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) एक अग्रणी उद्योग समूह है, जो स्टील, खनन और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। पूरी सूझबूझ के साथ दुनिया भर में फैले अपने कारोबार में 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश के साथ जेएसपी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान कर रही है। कंपनी अपने कार्बन उत्सर्जन को कम करने और सस्टेनेबल प्रथाओं को अपनाने में अग्रणी रहने के लिए प्रतिबद्ध है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति